नवसारी,गुजरात: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अपने 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इसे गोल्डन जुबली वर्ष के रूप में मना रहा है। इस अवसर पर, महिलाओं के त्याग, तपस्या और सेवा के सम्मान में “तपस्वी नारी सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उन महिलाओं को समर्पित था, जिन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का संकल्प लिया है और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं।
उद्घाटन एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस समारोह का शुभारंभ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भारती दीदी जी (गुजरात ज़ोन डायरेक्टर, ब्रह्माकुमारीज़) की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं:
- श्रीमती शीतल बहन सोनी (भाजपा प्रदेश प्रमुख)
- श्रीमती मीनल बहन (पूर्व प्रमुख, नवसारी नगरपालिका)
- श्रीमती अमिता बहन (बोर्ड मेंबर, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी)
- श्रीमती चेतना बहन बिरला (स्नेह-सेतु चैरिटेबल ट्रस्ट)
- श्रीमती सुजाता पटेल (प्रमुख, महिला उत्कर्ष मंडल)
स्वागत व दीप प्रज्वलन
राजयोगिनी बी.के. गीता दीदी (नवसारी सेवा केंद्र प्रभारी) ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और शब्द-सुमनों द्वारा स्वागत किया। इसके बाद माउंट आबू से पधारे बी.के. युगरतन भाई ने एक मधुर गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया। तत्पश्चात, दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रेरणादायक उद्बोधन
राजयोगिनी बी.के. नेहा बहन जी (अहमदाबाद ज़ोन डायरेक्टर) ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान उन मातृशक्तियों के त्याग, तपस्या और सेवा को समर्पित है, जिन्होंने सादगीपूर्ण जीवन अपनाकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके संकल्प का प्रतीक है, जिन्होंने बाहरी आकर्षणों से मुक्त होकर परमात्मा की याद में पवित्र जीवन जीने का निर्णय लिया है।
राजयोगी बी.के. मोहन भाई (माउंट आबू) ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति के “वसुधैव कुटुंबकम” सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी ही परिवार और समाज की नींव होती है। पुरुषों को भी नारीत्व की भावना को आत्मसात कर उसमें निहित गुणों को अपनाना चाहिए।
अतिथियों के प्रेरक विचार
श्रीमती शीतल बहन सोनी ने कहा कि भारत ही एकमात्र देश है, जहाँ जन्मभूमि को माँ का दर्जा दिया गया है। इस आयोजन में भाग लेकर उन्हें यह एहसास हुआ कि नारी शक्ति को सम्मान देना वास्तव में राष्ट्र की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
श्रीमती मीनल बहन देसाई ने कहा कि पुरुष-प्रधान समाज में महिलाओं द्वारा समाज को श्रेष्ठ मार्गदर्शन देना सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य है।
श्रीमती चेतना बिरला ने संस्था की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि हर कार्यक्रम से नई सीख और प्रेरणा मिलती है, जो समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्रीमती अमिता बहन ने इस प्रयास को आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्था नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
राजयोगिनी बी.के. भारती दीदी का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राजयोगिनी बी.के. भारती दीदी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि लाखों माताएँ गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी तपस्वी जीवन जी रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ विश्व की ऐसी एकमात्र संस्था है, जो महिलाओं द्वारा संचालित है और जो समाज को आध्यात्मिक उत्थान की ओर अग्रसर कर रही है।
विशेष प्रस्तुतियाँ एवं समापन
समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसमें बाल कलाकारों ने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। इसके बाद, माताओं के सम्मान में केक काटा गया और गरबा रास का आयोजन हुआ। अंत में सभी को ईश्वरीय प्रसाद एवं ब्रह्मा भोजन कराया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बी.के. नंदा बहन जी ने किया और अंत में बी.के. भानु बहन ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।











