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वड़ोदरा : ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा के 22वें स्थापना दिन पर आयोजित हैप्पीनेस कैफे में युवाओं ने खुशी का सच्चा मर्म समझा

वड़ोदरा-अटलादरा, गुजरात। युवाओं की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन में करियर और भविष्य के दबाव, वर्तमान तेज बदलाव के दौर, भावनात्मक उथल-पुथल एवं वैचारिक उलझनों की मुश्किलों के बीच में भी उनकी खुशी का स्तर कायम रहे। युवा वास्तविक खुशी का अभिप्राय समझें और खुशी जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा बन जाए इस विषय पर एक प्रेरक सेमिनार हैप्पीनेस कैफे के नाम से अटलादरा सेवाकेंद्र में आयोजित किया गया।
सेमिनार में युवाओं को संबोधित करने के लिए ब्रह्माकुमारीज हेडक्वार्टर माउंट आबू से बीके डॉ राजेश अरोरा जी विशेष रूप से पधारे। 6 मास्टर डिग्री एवं 2 पीएचडी डिग्री होल्डर डॉ अरोरा को अनेक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा एवं एडमिनिस्ट्रेशन विषयों पर प्रशिक्षण का 25 वर्षों का गहरा अनुभव है एवं ब्रह्माकुमारीज के वैल्यू एजुकेशन में भी स्वैच्छिक सेवाएं देते आ रहे हैं।
ऐसी महान अनुभवी फैकेल्टी के अनुभवों का लाभ लेने के लिए लगभग 80 की संख्या में युवा सेमिनार में शामिल हुए। कार्यक्रम में
1) जनरल सर्जन डॉ हेमंत पंचाल
2) CA चेतनभाई शाह
3) VMC हेल्थ डिपार्टमेंट से बायोलॉजिस्ट धारा बेन उनादकट
4) इंडस्ट्रियलिस्ट शांति भाई कवा जी ने अतिथियों के रूप में पधारकर युवाओं को अपनी शुभकामनाएं दी और अपने व्यक्तिगत अनुभव सुनाकर उनका उत्साह वर्धन किया।
चेतनभाई शाह ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा की जब भी मैं यहां पर आता हु मुझे गहन शांति का अनुभव होता है एक पॉजिटिव एनर्जी मिलती है और शहर में बहुत सारे कैफे देखे है पर ऐसा हैप्पीनेस कैफे पहली बार देख रहा हु |
सेमिनार में डॉ अरोरा ने युवाओं को यह सिद्धांत समझाया कि सफलता खुशी का आधार नहीं है लेकिन खुश रहना ही सबसे बड़ी सफलता है। खुशी की सकारात्मक मनोदशा में आप कोई भी काम पूर्ण उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करते हैं जिससे वह काम भी सर्वश्रेष्ठ होता है और संपर्क में आने वाले लोगों पर भी उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसीलिए सफलता बड़े स्वाभाविक ढंग से प्राप्त होती है।
इसके अलावा सेमिनार में एक्टिविटीज के माध्यम से मनोस्थिति का प्रभाव हमारे काम पर और वातावरण पर किस प्रकार पड़ता है यह सिद्धांत समझाया गया क्वेश्चन आंसर्स भी हुए मेडिटेशन ड्रिल्स कराई गई और अंत में युवाओं ने मौखिक और लिखित रूप से अपने अनुभव भी व्यक्त किए।
सेवाकेंद्र इंचार्ज बीके डॉ अरुणा बहन जी ने कॉमेंट्री के साथ योग कराया और युवाओं को राजयोग मेडिटेशन कोर्स करने के लिए आमंत्रित किया और सभी का आभार व्यक्त किया। फिर
इसी श्रृंखला में शाम को सेवाकेंद्र में शरद पूनम के निमित गरबा का आयोजन किया गया जिसमें भरूच से बीके हंसा बेन, वडोदरा से बीके कुनिका बेन और बीके सागर भाई ने अपनी मनमोहक आध्यात्मिक प्रस्तुतियों द्वारा वातावरण को संगीतमय एवं उत्साहपूर्ण बना दिया।
गरबे के बाद सेवाकेंद्र के 22 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केक काटा गया जिसमें
1) एबल एज़ फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री रिकेश देसाई
2) कॉरपोरेटर श्री बंदिश शाह
3) कोषाध्यक्ष गोपालभाई रबारी
4) जिज्ञा बेन नायक CDMO जमुना बाई हॉस्पिटल
5) CA चेतन शाह
6) सनफार्मा कंपनी के मैनेजर विनय जयसवाल
7) योगाचार्य बीके हरीश भाई वैद्य
उल्लेखनीय रूप से उपस्थित रहे और सेवाकेंद्र को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त की।
सेवाकेंद्र की सहसंचालिका बीके पूनम बहन जी ने कुशल मंच संचालन किया और ब्रह्मा भोजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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