बमीठा, मध्य प्रदेश। संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन कार्यक्रम होली चाइल्ड कान्वेंट स्कूल में किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य ललित सिंह जी एवं सभी शिक्षक गढ़ भी सम्मिलित रहे ,ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से ब्रह्माकुमारी नीरजा बहन ,बी के राम श्री बहन ,बीके पुरुषोत्तम भाई ,एवं बी के दीपक भाई ने भी उपस्थित रहकर अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम में बच्चों को प्रेरित करते हुए ब्रह्मकुमारी बहनों ने यह संदेश दिया की बुजुर्गों के लिए सुख सुविधाओं की आवश्यकता नहीं हैं ,उन्हें अपने बेटी -बेटियों, बहू और नाती-पोते के आत्मीयता की आवश्यकता हैं ।उनके हाथ में जब अपने बच्चों का हाथ स्पर्श करता हैं तो उसे किसी भौतिक सुख सुविधाओं से नहीं मापा जा सकता दादा दादी, नानी नाना के साथ बच्चों का जो प्रेम पूर्ण भावनात्मक संवाद होता हैं ,इसकी कल्पना वही कर सकता हैं ,जो संयुक्त परिवार में जीते हैं ।
आज संयुक्त परिवारों का विघटन हो रहा हैं ऐसे में हमें समाज की चेतना जागृत करने की जरूरत हैं ऐसे अभियानों से लोगों में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन जीने की प्रेरणा मिलेगी ।ब्रह्माकुमारी संस्थान केवल उपदेश नहीं देती लेकिन करके दिखाती है गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन हमारी संस्कृति हैं ।
संगम का अर्थ ही होता हैं पीढ़ियों का मिलन अनुभव और पीढ़ियों का मिलन इस अभियान में से ब्रह्माकुमारी संस्थान ने समाज के सबसे संवेदनशील पहलू को न केवल स्पर्श किया हैं ,बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को जोड़ने का कार्य किया हैं ,यह अपने आप में बहुत बड़ा उदाहरण हैं ।ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज के सभी वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्य किया जा रहें हैं । जीवन जीना केवल यह नहीं की पढ़ा लिखा और कमाया, शादी की बच्चे पैदा करना मकान बनाने पैसा जमा किया और संसार से चले गये, जीवन का मतलब जीवन को सफल कर पाना उसे सार्थक बनाना हीरे जैसा जन्म यूं ही व्यर्थ ना करें।









