54 गाँव एवं 43 स्कूल‚ कॉलेजों तथा 9 सरकारी संस्थानों में अभियान द्वारा जनजागरूकता पहॅुचाई गई
कर्ण भाई को सम्मानित करके गन्तव्य के लिए दी गई विदाई
निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से दुआयें मिलती हैं ………. बी.के. शान्ता बहिन
हाथरस, उत्तर प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र आनंदपुरी कॉलोनी हाथरस द्वारा बी.के. शान्ता बहिन के सानिध्य में मेरा भारत नशा मुक्त भारत आयोजन का किया गया जो आज सम्पन्न हो गया।
इस अवसर पर रथवाहक बी.के. कर्ण भाई को विदाई देकर गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर बी.के. शान्ता बहिन ने कहा कि पूरे 11 दिन लोगों को जागरूक करते हुए कब व्यतीत हो गये पता ही नहीं चला। निस्वार्थ भाव से जनकल्याण जनजागरूकता के लिए दिये गये योगदान से न केवल दुआयें मिलती हैं बल्कि खुशी भी मिलती है।
कार्यक्रम के मीडिया कोर्डीनेटर बी.के.दिनेश भाई ने बताया कि हांलाकि मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत के रूप में इस प्रकार का अभियान संगठन के मेडीकल विंग द्वारा वर्ष 2012 से ही पूरे जनपद में चलाया जा रहा है। अभी ʺमेरा भारत नशा मुक्त भारत‘ के नाम से अभियान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मेडिकल विंग तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सानिध्सेय में पूरे देश पर में आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान 35 छोटी और बडे एल.ई.डी. युक्त एवं कुम्भकरण की झाँकी लगे हुए संदेश वाहनों से देश भर में चलाया जा रहा है। इसमें 375 जिले खासतौर पर सघन अभियान के लिए चुने गये हैं।
बी०के० शान्ता बहिन ने बताया कि हाथरस और आनन्दपुरी कालोनी केन्द्र से सम्बद्ध हसायन‚ इगलास‚ सासनी‚ मडराक आदि स्थानों के 54 गाँव एवं 43 स्कूल‚ कॉलेजों तथा 9 सरकारी संस्थानों में अभियान द्वारा जनजागरूकता पहॅुचाई गई। जिससे लगभग 28 हजार लोगों तक नशे के खिलाफ जागरूकता मिली। ज्ञात हो कि हाथरस में अभियान की शुरूआत सासनी तहसील पर जिलाधिकारी भाई अतुल वत्स ‚ पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं उपजिलाधिकारी नीरज कुमार द्वारा बाबा का शिव ध्वज लहराकर किया गया था।
सम्पन्नता अवसर पर बी०के० शान्ता बहिन एवं अन्य ब्रहमावत्सों द्वारा बी०के० कर्ण भाई को पीतवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व सहायक कोषाधिकारी दाऊदयाल अग्रवाल‚ अरविन्द अग्रवाल‚ राजू अग्रवाल‚ निरंजन लाल ‚ पूर्व फौजी केशवदेव‚ भीमसैन‚ गजेन्द्र सिंह‚ राजेश शर्मा‚ लक्ष्मी बहिन‚ वन्दना बहिन‚ अस्मितता बहिन‚ सृष्टि बहिन‚ सरोज‚ पूजा बहिन‚ राधा इत्यादि मौजूद थे।


















