मोहाली,पंजाब: ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन, मोहाली में विश्व ध्यान दिवस बड़े उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 300 लोगों ने भाग लेकर राजयोग ध्यान के माध्यम से शांति, सकारात्मकता एवं आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रमेश कुमार पोपली, पीसीएस, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक, पुडा मोहाली रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज में आत्म-जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने हेतु ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
श्री पवन कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता, सीपीडब्ल्यूडी, ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ध्यान व्यक्ति को कार्यस्थल पर शांत, एकाग्र और प्रभावी बनाता है। आंतरिक शांति से निर्णय क्षमता बढ़ती है और कार्य संबंधों में मधुरता आती है।
बीके प्रेम लता, प्रभारी, राजयोग केंद्र, मोहाली सर्कल, ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि सच्चा ध्यान आत्म-परिचय एवं परमशक्ति से जुड़ने की प्रक्रिया है। नियमित ध्यान से व्यक्ति में आत्मबल, स्थिरता एवं सकारात्मक सोच का विकास होता है।
बीके अदिति, राजयोग शिक्षिका, मोहाली, ने “कार्यस्थल पर आध्यात्मिकता” विषय पर बोलते हुए कहा कि जब कार्यस्थल पर धैर्य, सम्मान एवं सकारात्मक दृष्टिकोण जैसे आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाया जाता है, तो तनाव कम होता है और कार्यक्षमता में स्वाभाविक वृद्धि होती है। ध्यान दबाव को शक्ति में बदलने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान बीके रमा, प्रभारी, राजयोग केंद्र,रूपनगर द्वारा राजयोग ध्यान कराया गया, जिससे उपस्थित जनों ने गहन शांति, मानसिक विश्राम एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर कुमारी नव्या द्वारा प्रस्तुत भाव-पूर्ण नृत्य ने आध्यात्मिक मूल्यों को कलात्मक अभिव्यक्ति प्रदान की।
कार्यक्रम का समापन शांति, संतोष एवं नव-ऊर्जा के वातावरण में हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने ध्यान के सकारात्मक प्रभावों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।







