अलीराजपुर,मध्य प्रदेश। हमारा जीवन हमारे विचारों पर निर्भर करता है जितने हमारे विचार शुद्ध क्वालिटी वाले होंगे उतना जीवन उच्च बनेगा। सदा हमें सकारात्मक सोचना चाहिए। हमारे नकारात्मक से सकारात्मक विचार बनने का बल राजयोग के माध्यम से प्राप्त होता है। प्रतिदिन कुछ समय निकालकर अपने को सकारात्मक सोच देते रहे तो जीवन आदर्श बन जाएगा। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के विशेषज्ञ ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने पीएम श्री शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में राजयोग का विद्यार्थी जीवन में महत्व विषय पर अपने संबोधन करते हुए बताया की जिनकी एकाग्रता अच्छी होती है उनको सफलता मिलती है एकाग्रता के लिए ध्यान जरूरी है। ध्यान से हमारा मस्तिष्क शक्तिशाली होता है जिससे हमारी याददाश्त शक्ति का निर्माण होता है। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य वेंकटेश मूर्ति जी ने बताया कि अधिकांश विद्यार्थी पढ़ाई की मेहनत तो करते हैं लेकिन उनका ध्यान कहीं इधर-उधर रहता है जिसके कारण सामने पड़ी हुई चीज भी उनको दिखाई नहीं देती है या कभी भूल जाते हैं। अधिकांश विद्यार्थी साल भर मेहनत करते हैं लेकिन परीक्षा हाल में जाने के पश्चात याद किये प्रश्नों का उत्तर भूल जाते हैं उन्हें याद नहीं आता है इसका कारण है डर, भय, तनाव। इन सबसे मुक्ति के लिए ध्यान एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने नशे के बारे में बताया कि आज का विद्यार्थी अनेक नशे के शिकार होता जा रहा है जिसके कारण उसकी पढ़ाई और क्वालिटी दोनों खत्म होती जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साधनों का नशा शराब से भी बुरा है जो हमारे मस्तिष्क के ऊपर खराब प्रभाव डालता है। इन नशों से दूर रहकर ध्यान के द्वारा हम अपने जीवन को उच्च बना सकते हैं ।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्राध्यापक अर्चना बघेल ने आभार प्रकट करते हुए बताया कि विद्यार्थी जीवन एक सुंदर बगिया के समान है इसकी संभाल करना हमारा काम है। राजयोग अपने जीवन में शामिल करना चाहिए जैसे प्रतिदिन तीन टाइम भोजन करते हैं वैसे ही प्रतिदिन राजयोग को अपने जीवन में शामिल अवश्य करें जिससे हमारे संस्कार श्रेष्ठ बनेंगे। कार्यक्रम के अंत में सबको कमेंट्री के द्वारा मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया ।सभी विद्यार्थियों ने असीम शांति और शक्ति का अनुभव किया।







