मुख पृष्ठसमाचारहिसार: “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के अंतर्गत 2000 से अधिक...

हिसार: “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के अंतर्गत 2000 से अधिक बुजुर्गों का सम्मान

हिसार,हरियाणा: भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और ब्रह्माकुमारीज़ – के मध्य हुए एमओयू (MoU) के अंतर्गत संगम : “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के तहत एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पीढ़ियों के बीच आए अंतर को मिटाने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मगौरव का अनुभव कराना रहा। यह अभियान वर्तमान में पूरे भारतवर्ष में संचालित हो रहा है।

इस अवसर पर 2000 से अधिक बुजुर्गों का विशेष सम्मान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें पटका, मफलर एवं आध्यात्मिक साहित्य भेंट किया गया। यह आयोजन समाज में बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण बना।

यह कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज़ हिसार की प्रारंभिक सेवाओं के प्रमुख स्तंभ रहे स्व. बीके डॉ. राम प्रकाश भाई जी की पुण्य स्मृति में समर्पित रहा। सभी उपस्थितजनों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प किया

कार्यक्रम में बीके बीरेंद्र (हेड क्वार्टर कोऑर्डिनेटर, सोशल सर्विस) ने बताया कि आज की पीढ़ियों के बीच बढ़ते अंतर के कारण बुजुर्गों में बढ़ रहे अकेलेपन को दूर करने के उद्देश्य से यह अभियान प्रारंभ किया गया है, जो देशभर में निरंतर चल रहा है।

मुख्य अतिथि स्वामी राजदास जी महाराज, संस्थापक — श्री कृष्ण प्रणामी बाल सेवा आश्रम, ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज की पीढ़ी को स्वयं अपने माता-पिता का सम्मान कर आने वाली पीढ़ी को संस्कार देने होंगे। परिवार में जैसा आचरण होता है, बच्चे वही सीखते हैं

विशिष्ट अतिथि प्रवीण पोपली, महापौर, हिसार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था शांतिपूर्ण एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए समाज को प्रेरित कर रही है। सात्विक जीवन-मार्ग के माध्यम से देश उन्नति कर रहा है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन बीके रमेश कुमारी (इंचार्ज, ब्रह्माकुमारीज़ हिसार सब-ज़ोन) ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए जो त्याग और योगदान दिया, उसका ऋण हम आज तक नहीं चुका पाए हैं। बुजुर्गों के सम्मान में कमी और अभिमान की अधिकता ही हमारी सामाजिक कमजोरियों का कारण बनती जा रही है।

बीके रणधीर पनिहार, विधायक, नलवा ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था नए-नए अभियानों के माध्यम से समाज से बुराइयों को दूर कर भाईचारे को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी परंपरा नहीं है; आज की पीढ़ी को भारतीय मूल संस्कृति को समझते हुए बुजुर्गों को सम्मान देना चाहिए।

बीके अवतार (नेशनल कोऑर्डिनेटर, सोशल सर्विस) ने बताया कि वृद्धावस्था को सम्मान दिलाने तथा विघटन की ओर जा रही पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा देने के लिए यह अभियान देशभर में संचालित किया जा रहा है।

मुख्य वक्ता बीके आशा दीदी, निदेशक — ओम शांति रिट्रीट सेंटर, ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमारे बुजुर्ग दुआओं का अथाह सागर हैं। उनके हृदय से निकली दुआएँ सोने-चाँदी से भी अधिक मूल्यवान होती हैं। वे छायादार वृक्षों के समान हैं; ऐसे वृक्षों को क्षति पहुँचाना स्वयं को कमजोर करना है। बुजुर्गों के साथ समय बिताना अत्यंत लाभकारी होता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने ब्रह्माकुमारी बहनों को कलश एवं भाइयों को शिव-ध्वज प्रदान कर अभियान का शुभारंभ किया। यह आयोजन समाज में बुजुर्गों के सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का प्रेरक संदेश दे गया।

Youtube Link:
https://www.youtube.com/live/Lhg6eYsjO1M?si=aqMvruI_FsXeX93K&t=2259

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments