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अलीराजपुर : नव वर्ष के उपलक्ष में आयोजित कार्यशाला

अलीराजपुर, मध्य प्रदेश। 1 जनवरी,अपने हर विचार के लिए हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं। मन की शान्ति के लिए जरूरी है कि हम सही सोचें। डॉक्टर्स का कहना है कि शरीर की हर बिमारी का मूल कारण हमारी मानसिक अवस्था में छिपा हुआ है। इसलिए किसी बात को मन में दबाकर न रखें। उसे किसी के आगे बतलाकर हल्के हो जाएं। जैसा हमारा चिंतन होगा, वैसा ही हमारा चरित्र और जीवन बनेगा। सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की असली कुंजी है। वर्तमान समय में बाहरी चुनौतियों से अधिक आंतरिक स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम अपने मन को नियंत्रित कर लेते हैं, तो बाहरी परिस्थितियाँ स्वत: ही हमारे अनुकूल होने लगती हैं। हमारा मन कमजोर होगा तो छोटी-छोटी समस्याएं भी पहाड़ जैसी महसूस होगी। अपनी कार्यक्षमता और निर्णय शक्ति को बढ़ाने के लिए मेडिटेशन द्वारा आत्मबल को बढ़ाने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर बढ़ता दबाव और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना तभी संभव है जब हम प्रतिदिन स्वयं के लिए समय निकालकर मेडिटेशन करेंगे। मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न रहेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता में न केवल वृद्धि होगी बल्कि समाज को भी एक बेहतर नेतृत्व मिलेगा। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के विशेषज्ञ ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने दीपा की चौकी पर स्थित ब्रह्माकुमारी सभागृह में नव वर्ष के उपलक्ष में नागरिकों को संबोधित करते हुए बताया कि जीवन में आने वाली चुनौतियों को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी क्षमता निखारने का अवसर मानना चाहिए। सहनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि एक महान शक्ति है। कुशल जीवन के लिए शान्त रहना जरूरी है। हमने तनाव को नैचुरल समझ लिया है जो कि हमें बीमार कर रहा है। सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें तो परिवार ठीक से चलेगा। सबको सम्मान दें तो आपको भी सम्मान मिलेगा। गुस्से का संस्कार न बनाएं। अपनी उर्जा को व्यर्थ न गवाएं। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी माधुरी बहन ने सबको नव वर्ष की बधाई देते हुए बताया कि जो बीता अच्छा ,बुरा उसको बीती को बिती कर अब आगे के लिए हमें अपने स्वभाव संस्कार को श्रेष्ठ बनाएं ।वर्तमान श्रेष्ठ होगा तो भविष्य भी श्रेष्ठ बनेगा। हमें प्रतिदिन श्रेष्ठ संकल्प करना चाहिए जिससे हमारा दिल भी खुश रहता है और हमारे संबंध भी मधुर बनते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर सीताराम ने बधाई देती हुए कहा कि सदा खुश रहना है और खुशी सबको बांटना है। समस्याएं जीवन में सभी के पास आती है लेकिन जो खुश रहता है तो उसके पास समस्याएं भी हल्की व खेल जैसी लगने लगती है ।खुश रहने से हमारा भविष्य भी अच्छा रहता है। एक अच्छी खुशी सफलता को आमंत्रित करती है। अंत में सभी को नववर्ष के उपलक्ष में सभी ने कैंडल लाइटिंग की और सभी का मुख मीठा कराया गया।सभी को जीवन में स्वच्छता, सादगी और सत्यता को अपनाने का संकल्प दिलाया।

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