भिलाई, छत्तीसगढ़: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्व विद्यालय द्वारा रिसाली, मैत्री कुंज स्थित प्रभु प्राप्ति भवन में क्लास 8th से क्लास 12th तक के बच्चों के लिए आयोजित “मन की शक्ति से विजय” कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी ने बच्चों को चेतन मन (कॉन्शियस माइंड)और अवचेतन मन (सबकॉन्शियस माइंड) के शक्तियों के बारे में बताया।
चेतन मन हमारी जागृत अवस्था में कार्य करता है तथा दिन भर के हमारे द्वारा किए गए विचारों, बातों एवं प्रयासों को सेव करता है, लेकिन अवचेतन मन (सबकॉन्शियस माइंड) 24 घंटे कार्य करता है तथा हमारे सोने के बाद भी यह जागृत रहता है।
अवचेतन मन रात को सोने से आधे घंटे पहले एक्टिव होना शुरू हो जाता है और सुबह उठने के आधे घंटे तक 100% एक्टिव रहता है, इस समय जो भी विचार हम अवचेतन मन (सब कॉन्शियस माइंड) को देंगे वह हमारे जीवन में फलिभूत होगा, इसीलिए सुबह का समय बहुत श्रेष्ठ होता है पढ़ाई, श्रेष्ठ चिंतन एवं ध्यान के लिए।
उस समय उसको जो विचार देंगे वह उस पर कार्य करना शुरू कर देता है। इसीलिए रात्रि के सोने से पहले का आधा घंटा और सुबह उठने के बाद का आधे घंटे के विचार में इतनी शक्ति होती है कि वह हमारे जीवन को परिवर्तन कर सकता हैं जिसे हम चमत्कारिक विचार (मैजिकल थॉट्स) कहते हैं।
उदाहरण के लिए आपने विचार बताए कि जैसे मैं संपूर्ण स्वस्थ हूं, मैं परिस्थितियों से अधिक शक्तिशाली हूं, सफलता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, इन सबके लिए हमको विश्वास (ट्रस्ट) के साथ (नो डाउट) के साथ प्रयास करना है।
इन सभी बातों को बच्चों ने एकाग्रता एक्टिविटी बैलेंस ऑफ लाइफ (बॉल) जीवन में संतुलन का महत्व, मेडिटेशन फन एक्टिविटी द्वारा अभ्यास भी किया।
आगे अपने बताया कि कभी कोई बात नीचे खींचेगी, डगमग हिलाएगी ,कभी कोई व्यक्ति, कभी कोई चीज कभी वायुमंडल … यह तो होगा ही, इससे बचने के लिए सेकंड में सब विस्तार समाप्त हो एक रस स्थिति में स्थिर रहे तब लक्ष्य रूपी सफलता की प्राप्ति होगी। क्यों क्या क्वेश्चन की क्यू को फूल स्टॉप लगाओ आगे बढ़ो।







