ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया ईश्वरीय सन्देश, मानसिक शान्ति और खुशहाली के लिए कराया राजयोग अभ्यास
वाराणसी, उत्तर प्रदेश। ब्रह्माकुमारीज़ परिवार से जुड़े हितेश खत्री भाई के देहावशान के अवसर पर वाराणसी के सिन्धी कालोनी स्थित सिन्धी धाम में पगड़ी रस्म का कार्यक्रम आयोजन हुआ | उक्त कार्यक्रम में सिंधी समाज द्वारा आत्मा की शांति और मृत्यु के पश्चात जीवन का रहस्य के ऊपर प्रकाश डालने के लिए ब्रह्माकुमारी बहनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया |
शहर के बुद्धिजीवी और व्यापार से जुड़े हुए प्रतिष्ठित सिन्धी समाज के 300 से अधिक लोगों की उपस्थिति के बीच ब्रह्माकुमारी तापोशी बहन ने आत्मा और परमात्मा का संक्षिप्त परिचय देने के साथ इस नश्वर शरीर की यथार्थता से अवगत कराया |
उन्होंने कहा की आत्मा इस सृष्टि रूपी रंगमंच पर अपने निश्चित समय पर शरीर रूपी वस्त्र धारण कर पार्ट बजाने आती है और अपने निश्चित समय पर यह शरीर रूपी ड्रेस का त्याग कर दूसरे रंग रूप का वस्त्र धारण कर नया पार्ट बजाने जाती है | वह आज हमारे सम्बन्धी के रूप में हमारे बीच है तो कल नये सम्बन्ध में, नए रूप से पार्ट बजाने जाती है | हमें इस यथार्थता को समझ स्वयं को दुखी और अशांत करने के बजाए उस आत्मा के नए पार्ट के लिए दिल से शुभ-कामनाएँ और खुशहाल जीवन के लिए परमात्मा से प्रार्थना करना होगा | उन्होंने मानसिक शान्ति के लिए प्रैक्टिकल राजयोग अभ्यास भी कराया |
कार्यक्रम में राजयोगी ब्र.कु. विपिन भाई ने भी गत आत्मा को श्रद्धांजली देने के साथ दू:ख की घड़ी में स्वयं को शांत और संतुलित रखने के लिए राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास आवश्यक बताया | उन्होंने कहा की राजयोग हमें स्वयं का मानसिक सम्बन्ध परमात्मा शिव से जोड़कर जीवन में सुख, शान्ति और खुशहाली लाने की कला का विकास करता है |
उक्त अवसर पर ब्र.कु. राधिका दीदी, ब्र.कु. अनिता बहन, ब्र कु अजीत भाई, ब्र कु संदीप भाई, अशोक भाई, संतोष भाई आदि उपस्थित रहे |





