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मुंबई -बोरीवली: बीके श्रेया द्वारा ‘ओवरथिंकिंग को ना कहें’ पर एक टॉक

मुंबई -बोरीवली,महाराष्ट्र। ब्रह्माकुमारीज़, बोरीवली वेस्ट द्वारा योगी नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर हॉल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं सुप्रसिद्ध वक्ता B.K. Shreya ने “Say No to Overthinking” विषय पर अपने विचार साझा किए।
इस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट्स रहे :- Chief Guest, Bro. Tanuj Mahashabde Ji, Indian Actor, Screenwriter and Theater Artist, popularly known to play the character of Mr. Iyer in the famous T.V. Show Tarak Mehta Ka Ulta Chashma, Mumbai., B.K. Bindu, Centre Incharge, Borivali West., Sis. Jayasudha Koti Ji, Associate Professor in Electronics and Telecommunications Department, St. Francis Institute of Technology, Borivali West.,B.K. Shreya, Keynote Speaker, Borivali West.,Bro. Rameshwar Daga Ji, Vice president, BJP Borivali.,Bro.Surendra Mishra Ji, President, Yogi Nagar Society Association, Borivali West., Dr. J Basak Ji, General Physician, Yogi Nagar, Borivali West., Dr. Amit Shah Ji, M.S., Mahavir Dental Clinic, Satya Nagar, Borivali West.,Sis. Shetty Ji, Principal, Thakur College, Borivali.

सेशन में आए अतिथियों एवं भाई बहनों का, सेंटर प्रभारी बीके बिंदु ने स्वागत करते हुए एवं कार्यक्रम का लक्ष्य बताते हुए कहा की, “मेडिटेशन ऐसा नही कहता हैं कि सोचो ही नही, Zero Thought Stage Possible नही हैं, Overthinking को No कहना हैं। बहुत ज्यादा सोचने से हमारे जीवन मे उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं, तो सोचना तो है, लेकिन क्या सोचे, कितना सोचे, सही सोचे, वह कला आज हम सीखेंगे।”

मुख्य अतिथि Bro. Tanuj Mahashabde ji, ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि, “आकर मुझे अभी आधा घंटा ही हुआ हैं, लेकिन में बहुत कुछ सीख गया हूं। अत्यधिक विचार को हमे ना बोलना हैं, लेकिन वो कौनसे अत्यधिक विचार है ये जानना बहुत महत्वपूर्ण हैं।”

टॉक शो की मुख्य वक्ता बीके श्रेया ने बड़े ही सारयुक्त शब्दों में, Say No To Over thinking विषय पर प्रकाश डालाते हुए बताया कि,”हम सब Creative Beings हैं, एक ही Situation में हम सब अलग अलग सोच सकते हैं, हमारे पास Right सोचने की Choice हैं। तथा उन्होंने सटीक उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया की “की हम सब का बातों को देखने का नज़रिया अलग अलग हैं, तो हमे सबके नज़रिये को स्वीकार करना हैं , सब अलग हैं , गलत नहीं।”
बीके श्रेया ने कहा की “कोई भी हमारे मन के अंदर घुस कर हमे Hurt नही कर सकता, हम उसे सोच सोच कर खुद को Hurt करते हैं।” एवं “Self Counselling के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि – हर बात में कल्याण हैं, जो हमारे भाग्य में है वो हमें मिलना ही हैं, हमारा कोई ले नही सकता , हम किसी का ले नही सकते। लेकिन यह सब एक शक्तिशाली मन ही सोच सकता हैं, जिसके लिए हमे मेडिटेशन सीखने की जरूरत हैं।”
तत्पश्चात, बीके श्रेया ने सभी भाई बहनों को, 15 दिवसीय कोर्स का निमंत्रण देकर तथा मेडिटेशन कमेंट्री द्वारा शांति की अनुभूति कराते हुए क्रायकर्म का समापन किया।
मंच संचालन Dr. Trinanjan भाई ने किया एवं कई Cultural Artists ने भी अपनी संगीत व नृत्य द्वारा प्रस्तुति दी ।
इस कार्यक्रम में लगभग 500 लोगों ने भाग लिया।

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