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भिलाई: जीवन में संतुष्ट रहे..3 घंटे और जीवन की परीक्षा अकेले देना है..मन शांत रखे..आशा दीदी

परीक्षा की तैयारी – मन की शक्ति से विजय

भिलाई, छत्तीसगढ़: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा रिसाली, मैत्री कुंज स्थित प्रभु प्राप्ति भवन में कक्षा 8वीं से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित “मन की शक्ति से विजय” कार्यक्रम में भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने बच्चों को  संबोधित करते हुए कहा कि हर एक सब्जेक्ट का स्पेशलिस्ट टीचर होता है,वो कितना भी अच्छा पढ़ाए,एक्जाम में आने वाला आई एम पी क्योशचन बताए,लेकिन आपको उसे पढ़ने के साथ 3 घंटे के एग्जाम में अकेले ही लिखना होगा। उस समय हमारा मन पढ़ें हुए को स्मृति में लाए।

ठीक इसी प्रकार जीवन में भी परिस्थितियों रूपी परीक्षाओं में भी मन का शांत और एकाग्र रहना आवश्यक है,जीवन रूपी परीक्षाओं को भी हमें अकेले देना होता है।

इसलिए आप सभी अपनी श्रेष्ठ तकदीर की स्मृति द्वारा अपने समर्थ स्वरूप का अभ्यास करे। सीखो,पढ़ो, अप्लाई करो।

अपने संतुष्टता की शक्ति के बारे बताया कि जीवन में सदा संतुष्ट रहे,माता पिता से महंगे मोबाइल,लेपटॉप , कम्प्यूटर की डिमांड न करे,सन्तुष्टता सदा सर्व प्राप्ति सम्पन्न है क्योंकि जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं। जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ और विशेषतायें स्वत: ही आ जाती हैं। 

सन्तुष्टता की स्थिति परिस्थिति के ऊपर सदा विजयी है। 

आपने बताया कि हमारे मुख से बोल ऐसे निकले जैसे फूलों की वर्षा हो रही है। मीठे बोल, मुस्कराता चेहरा, मीठी वृत्ति, मीठी दृष्टि, मीठा सम्बन्ध-सम्पर्क यह भी लक्ष्य प्राप्ति सफलता का साधन है।

स्वयं का स्वयं ही टीचर बनो तो सर्व कमजोरियां स्वत: समाप्त हो जायेंगी।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास के साथ-साथ उन्हें परीक्षा के तनाव से मुक्त कर जीवन में सफलता की दिशा देना है।

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