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अमरावती: ब्रह्माकुमारीज द्वारा डिजिटल वेलनेस व HAPPI कार्यक्रम का राष्ट्रीय शुभारंभ अमरावती में संपन्न

अभिभावकों व बच्चों को मोबाइल के संतुलित उपयोग का प्रभावी संदेश

अमरावती,महाराष्ट्र । डिजिटल युगीन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बच्चों एवं अभिभावकों में जागरूकता लाने हेतु “अभिभावक एवं बच्चों हेतु डिजिटल वेलनेस – विशेषकर मोबाइल उपयोग” विषय पर एक भव्य जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर HAPPI (Holistic Approach for Positive Parenting Initiative) एवं डिजिटल वेलनेस कार्यक्रम का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ भी किया गया।

यह कार्यक्रम सम्मेलन हॉल, होटल महफिल इन, अमरावती में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, अमरावती के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुभ शुरुआत बीके अमोल भाई जी द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी गीत “भारत फिर भरपूर बनेगा” से हुई, जिसने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर दिया।
इसके पश्चात कार्यक्रम की प्रस्तावना अमरावती जिला संचालिका बीके सीता दीदी जी ने रखी।
बीके प्रमोद भाई ने कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता आदरणीय डॉ. सचिन परब (मुंबई) का परिचय सभी उपस्थितजनों से कराया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन बीके सुहिता दीदी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के Chief Guest एवं सम्मानित अतिथि के रूप में
डॉ. मिलिंद बऱ्हाटे (कुलगुरु, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय),
श्री खोचे (संयुक्त धर्मादाय आयुक्त),
डॉ. विनायक देशपांडे (कुलगुरु, जी.एच. रायसोनी विश्वविद्यालय),
श्री राजेश इंगोले (सहायक धर्मादाय आयुक्त),
श्रीमती गुल्हाने (उप संचालक, शिक्षा विभाग, अमरावती),
श्री बामनोटे (राम मेघे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग),
डॉ. ए.टी. देशमुख (डीन, पंजाबराव देशमुख मेमोरियल मेडिकल कॉलेज),
डॉ. सुधा जैन (डीन, गोडे मेडिकल कॉलेज),
श्री आदर्श रेड्डी (CF & FD, MTR),
श्री लप्पिभैया जाजोदिया,प्रसिद्ध समाजसेवक श्री गोपाल मुंदडा हॉटेल मेहफिल इन के संचालक तथा बीके सीता दीदी जी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में
प्रा. स्मिता देशमुख (विमलाबाई देशमुख कॉलेज),
श्रीमती स्मिता तिखिले (खारकर विद्यालय),
डॉ. दीपक धोटे (बृजलाल बियानी कॉलेज),
श्री नितिन कोली (पोतदार इंटरनेशनल स्कूल),
श्री हेमाद्री देसाई (दिल्ली पब्लिक स्कूल),.
श्रीमती रोमाकौर सहानी (प्राचार्य, सॅनफोर्ट ग्रुप ऑफ स्कूल),
श्री संजय खडसे (प्राचार्य, राजश्री शाहू विज्ञान महाविद्यालय),
श्री शिरीष नवले (डायरेक्टर, वात्सल्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग),
डॉ. राजेंद्र टेम्भे एवं डॉ. किरण हातगोंकर (आरोग्यम हॉस्पिटल),
तथा श्रीमती आदर्श रेड्डी उपस्थित थीं।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता डॉ. सचिन परब (मुंबई) थे, जो प्रेरणादायी वक्ता, लाइफ कोच, लेखक, कॉर्पोरेट ट्रेनर एवं राजयोग ध्यान मार्गदर्शक हैं। अपने प्रभावी संबोधन में उन्होंने कहा कि “मोबाइल स्वयं में बुरा नहीं है, समस्या तब होती है जब हम उसके मालिक न रहकर उसके गुलाम बन जाते हैं।”
डॉ. परब ने बताया कि आज की पीढ़ी डिजिटल ड्रग्स के प्रभाव में है, जहाँ नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनियंत्रित कंटेंट उपभोग बच्चों की एकाग्रता, स्मरणशक्ति और भावनात्मक संतुलन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ गोल्डफिश 12 सेकंड तक ध्यान केंद्रित कर पाती है, वहीं आज बच्चों का ध्यान समय उससे भी कम होता जा रहा है।
उन्होंने डोपामिन, ऑटो-पायलट मोड, डिजिटल ऑडिक्शन, मोबाइल स्विच ऑफ करने का डर, और मानसिक थकान जैसे विषयों पर सरल भाषा में प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के लिए स्वयं आदर्श बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि “मोबाइल इज नॉट एंटरटेनमेंट डिवाइस, इट इज ए टूल – इसका उपयोग सोच-समझकर होना चाहिए।”
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों, महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन सभी को डिजिटल अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ।

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