मुख पृष्ठराज्यगुजरातवड़ोदरा-अटलादरा: मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओ का समाधान टॉपिक पर सेमिनार

वड़ोदरा-अटलादरा: मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओ का समाधान टॉपिक पर सेमिनार

ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा में संस्था के व्यापार वर्ग द्वारा आयोजित ऊर्जावान प्रेरक सत्र से व्यापारीगण हुए मंत्रमुग्ध

राजयोग विद्यार्थियों के लिए योग में रचनात्मकता द्वारा सेवा में सफलता विषय पर रोचक शैली में हुआ योग सत्र

वड़ोदरा-अटलादरा-गुजरात: मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओ का समाधान टॉपिक पर सेमिनार बीके डॉ ई वी स्वामीनाथन भाई जी के ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा सेवाकेंद्र में व्यापारी बंधुओ एवं क्लास के नियमित विद्यार्थियों के लिए 8 फरवरी को सुबह शाम बहु उपयोगी सकारात्मक सत्र रखे गए।

सवेरे के सत्र में सम्माननीय अतिथियों के रूप में 1) डॉ अजय भाई रांका जायडस कंपनी के ओनर,
2) भरत भाई चौकसी CMD ग्रैंड पॉलीकौट्स,3) दीपक भाई सुराना डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायंस,4) नवीन भाई ओझा ग्रीन बिल्डिंग कंसलटेंट फार्मर रजिस्ट्रार M.S यूनिवर्सिटी वडोदरा, 5) डॉ मितेश भाई शाह प्रेसिडेंट (IMA) इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, 6) धवल भाई बिल्डर समस्ता परिसर, 7) विजय भाई नायक इंडस्ट्रियलिस्ट, 8) गोपाल भाई रबारी कोषाध्यक्ष भाजपा वडोदरा9) हरि सिंह भाई खोडियार के ओनर इंजीनियरिंग  विशेष रूप से पधारे। 

प्रातः सत्र में मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओ का समाधान टॉपिक पर अपने सत्र में डॉ स्वामीनाथन जी ने मानसिक और भावनात्मक स्थिति का शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को पूर्ण वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट और परिभाषित किया। आपने बताया की ट्रीटमेंट इलाज शारीरिक स्तर पर होता है जबकि हीलिंग मानसिक और भावनात्मक स्तर पर होती है हीलिंग मन और शरीर दोनों को सकारात्मक ऊर्जा देती है। वह सकारात्मक ऊर्जा होती है खुशी और शांति। जब हम बहुत अच्छे विचार और भावनाओं के साथ अपनी परिस्थितियों और कठिनाइयों का सामना करते हैं तो हमारी भावनाओं में निहित खुशी और आनंद की सकारात्मक ऊर्जा हमारी कड़वी यादों और शारीरिक व्याधियों को परिवर्तन करके मन और शरीर को सशक्त बनाने लगती हैं। मानसिक और भावनात्मक शक्तियों से असाध्य रोगों पर विजय पाने वाले अनेक जीवंत उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रयोग चमत्कार की तरह काम करते हैं पर वास्तव में यह एक साइंस है जो हमारी आंतरिक अर्थात आध्यात्मिक शक्तियों का परिणाम होते हैं। यह शक्तियां हमारे ज्ञानयुक्त सकारात्मक विचारों के माध्यम से सक्रिय होती हैं जिससे  हम परिस्थितियों में खुद को स्थिर रखकर रिएक्ट करने की बजाय रेस्पॉन्ड करना सीख लेते हैं। इस तरह हम अपने मन को बिना किसी दबाव के स्वाभाविक रूप से एक सहयोगी मित्र की तरह कार्य में प्रयोग कर पाते हैं। अपनी कमजोरी पर ज्यादा बात करने की जगह अपनी क्षमताओं को पहचानते जाते हैं और कमजोरियों को परिवर्तन कर लेते हैं। आपने उदाहरण देते हुए बताया कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी  ने अपने (DRDO) प्रोजेक्ट में स्वस्थ जीवन के आधार भोजन, व्यवहार और व्यायाम के भी पूर्ण लाभ लेने का भी मूल नियम यही बताया है कि आप इन तीनों को जितने खुशी और आनंद की मनोस्थिति के साथ अभ्यास व प्रयोग करते हैं उतना ही सफल परिणाम आप पाते हैं।
सत्र के बाद अतिथियों ने कार्यक्रम के प्रति अपनी हार्दिक खुशी एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं। 
डॉ. अजय भाई रांका ने कहा कि सारे सत्र का सार है बी हैप्पी स्माइल एंड एंजॉय द लाइफ। 
दीपक भाई सुराना  ने कहा कि हम लाइंस क्लब के माध्यम से भी समझ में मेंटल हेल्थ अवेयरनेस लाने की दिशा में समाज के हर स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं और आज के कार्यक्रम से मैं इस बात से पूर्णतः सहमत हूं कि हमारी मानसिक हेल्थ का महत्व शारीरिक हेल्थ से भी अधिक है और इसका हमें विशेष ध्यान देना है।
भरत भाई चौकसी ने कहा कि 90% से अधिक बीमारियां मानसिक तनाव की वजह से हैं यह मेडिकल साइंस घोषित कर चुका है ऐसे में योग द्वारा यदि हम अपने आंतरिक प्रभामंडल को जितना सशक्त बनाएंगे उतना ही हमारा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा होगा यह इस सत्र के द्वारा मुझे और ज्यादा स्पष्ट हुआ है। 

नवीनभाई ओझा ने काहा की आज 65 साल की उम्र के अंदर एक बहोत बडा ज्ञान मिला गलत रस्ते पे जा रहा था सही रस्ते पे आ गया | आज सबसे बड़ा सिखने को मिला की रस्ते पे जब कोई खड़ा आता है तो गाड़ी को सायड में से निकाल लेते है ऐसे जीवन रूपी गाड़ी को भी सायड में से निकाल लेना चाहिए|
बाकी सभी ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

अंत में आभार व्यक्त करते हुए सेवाकेंद्र संचालिका बीके डॉ अरुणा बहन जी ने कहा की सारी सकारात्मक शक्तियों के परम स्त्रोत परमात्मा हैं हम भक्ति भाव में उनसे सुख शांति आदि मांगते हैं लेकिन मांगने के बजाय जब हम उन्हें अपने माता-पिता के रूप में स्वीकार कर लेते हैं तो बच्चों के रूप में सारे सुख शांति के उत्तराधिकारी हम स्वाभाविक रूप से बन जाते हैं इसीलिए महाशिवरात्रि पर्व उन निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप शिव परमात्मा के कर्तव्य का ही यादगार है की किस प्रकार उन्हें अपनी बुराइयों रूपी विष को अर्पण करके सुख शांति और ज्ञान रूपी अमृत हम उनसे प्राप्त कर सकते हैं और महाशिवरात्रि पर यही संदेश देने के लिए सेवाकेंद्र पर एक भव्य शिव संदेश मेले का आयोजन 12 तारीख से शिवरात्रि तक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए बहन जी ने सभी को सपरिवार आमंत्रित किया।

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शाम को योग के रचनात्मक प्रयोग द्वारा सेवाओं में सफलता विषय पर हुए सत्र में डॉ स्वामीनाथन जी ने एकाग्रता को योग द्वारा सफलता की कुंजी बताया। और एकाग्रता को सरलतम रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि जब हमारा मन और बुद्धि एक साथ काम करते हुए उस जगह पर स्थित रहे जहां हम चाहते हैं तो इसी को हम एकाग्रता कहते हैं। योग के रचनात्मक प्रयोग में आर्मी और सुरक्षाबलों के साथ किए गए प्रयोगों के अनुभवों के कई उदाहरण बताइए और उन प्रयोगों के कई फोटो एवं वीडियो साझा किया। इन सेवाओं की सराहना भारत के माननीय प्रधानमंत्री राष्ट्रपति महोदय और गृह मंत्री जी के द्वारा भी की गई है। जिनमें यह विशेष रूप से सिखाया गया कि राजयोग से एकाग्रता द्वारा हम मानसिक स्वास्थ्य और शक्ति को विकसित कर सकते हैं तो दूसरी और एक राजऋषि की तरह जीवन जीते हुए हम प्राणायाम व्यायाम और शुद्ध आहार इत्यादि विधियों को श्रेष्ठ विचार और भावनाओं की स्मृति के साथ करते हुए कहीं ज्यादा शक्तिशाली रूप दे सकते हैं उसके लिए अपने प्राणायाम और ओंकार ध्वनि के विशेष सकारात्मक विचारों की स्मृति के साथ योग के सरल और प्रभावी अभ्यास सब भाई बहनों को करवाए।
अंततः नेशनल एंथम के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को कृतज्ञता भाव प्रकट करते हुए सत्र का समापन हुआ।

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