हजारों लोगों के बीच शिवरात्रि महोत्सव में जुटे देश-विदेश के साधक
आबू रोड,राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन देश विदेश से आये हजारों लोगों के बीच शिव ध्वज फहराकर धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर 100 फीट उंचा शिवध्वज फहरा गया। कार्यक्रम में संस्था की मुख्य प्रशासिका बीके मोहिनी ने कहा कि परमात्मा शिव का ध्वज हमें संदेश देता है कि हम स्वयं परमात्मा शिव की यादों में रहे। साथ ही अपने अन्दर के विकारों को दूर करने का प्रयास करें।

आगे उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के पर्व पर हमें अपने अन्दर की बुराईयों को अर्पण करने से परमात्मा हमारे अन्दर सदगुणों को भर देते हैं। शिवरात्रि का महापर्व इसी बात का संदेश देता है। इसलिए यह शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य प्रशासिका मुन्नी बहन ने सभी को शुभकामनाये देते हुए आज के दिवस को महान दिवस बताते हुए बाप और बच्चो का जन्म दिवस बताया और कहा कि संस्था आज 90 वी शिवजयंती मना रही है और वो दिन दूर नहीं जब सभी कहेगे की मेरा बाबा आ गया।
संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके जयंती ने भाई बहनों को शिव जयंती की शुभकामनायें देते हुए संस्था की सभी वरिष्ठ दादीयों और भाईयों को याद किया और कहा कि दादी जानकी जी कहते थे के शिव जयंती ब्रम्हा बाबा और बच्चों की जयंती के साथ-साथ गीता जयंती भी है। आज से हम अपने पुरूषार्थ को और तीव्र करेंगे जिससे बाबा की मदद हमें मिलेगी और बाबा की प्रत्यक्षता का कार्य तीव्र गति से पूर्ण होगा।
संस्था के महा सचिव बीके करूणा भाई ने कहा कि हम सभी बहुत सौभाग्यशाली हैं क्योंकि दुनिया वाले तो सिर्फ एक बाप को जानते है। लेकिन हमें लौकिक, अलौकिक और पारलौकिक बाप का परिचय स्वयं पिता शिव द्वारा प्राप्त हुआ है। अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय भाई ने शिव जयंती को नई दुनिया की जयंती कह कर सम्बोधित किया और कहा इस शुभ अवसर पर हम ऊँच ते ऊँच शिव बाबा का झंण्डा फहराने का अवसर मिला और यह दृढ़ प्रतिज्ञा करने का भी दिवस है कि हम इस पुरानी दुरूखी दुनिया को नया सुखी दुनिया बनायेंगे इस लिए इस दिवस को ज्ञान उत्सव, प्रेम उत्सव और शांति उत्सव कह कर भी सम्बोधित कर सकते है।
हजारों लोगों ने गाया शिव ध्वजः इस महाशिवरात्रि के दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने हाथों में छोटी छोटी परमात्मा शिव की झंडिया लेकर गीत गाते रहे।
ये रहे उपस्थितः इस दौरान ज्ञानामृत पत्रिका के प्रधान सम्पादक बीके आत्म प्रकाश, जापान की प्रभारी बीके रजनी, रसिया सेंट पिटसबर्ग की प्रभारी बीके संतोष, मलेशिया की प्रभारी बीके मीरा, मास्को की प्रभारी बीके सुधा समेत कई लोग उपस्थित थे।
देर तक झूमते रहे लोगः महाशिवरात्रि के पर्व पर देर तक लोग झूमते गाते नजर आये। माताओं बहनों और सभी उम्र के लोगों के मन के विकारों को अर्पण करने का संकल्प लिया।





