सफेद तिल से न केवल कई टेस्टी डिशेज बनाई जाती हैं, बल्कि यह सेहत के लिए भी एक वरदान है। इसे आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। इनमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इसलिए तिल को रोज़ाना अपनी डाइट में शामिल करना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं कि रोज़ एक चम्मच सफेद तिल खानेे के क्या फायदे हैं…
सफेद तिल खाने के फायदे…
- 1. ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत सफेद तिल में हेल्दी फैट, प्रोटीन और कैलोरी अच्छी मात्रा में होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है, खासकर सर्दियों में।
- 2. हड्डियों को बनाता मजबूत इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस और जिंक भरपूर होते हैं जो हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाते हैं। रोज़ाना एक चम्मच सफेद तिल खाने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव करता है और जोड़ों के दर्द को कम करने में भी मददगार होता है।
- 3. स्किन और बालों के लिए सफेद तिल में विटामिन ई व एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जो स्किन को ग्लो देते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं। इसका तेल भी त्वचा को मुलायम बनाता है।
- 4. दिल के लिए अच्छा इसमें हेल्दी मोनो अनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं।
- 5. पाचन सुधारने में मदद तिल में फाइबर होता है जो कब्ज को दूर करता है और पाचन को सही रखता है। सर्दियों में तिल के लड्डू डायजेशन में मदद करते हैं।
- 6. हार्मोन बैलेंस में सहायक खासकर महिलाओं के लिए तिल बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह हार्मोन संतुलित करने में मदद करता है और पीरियड्स की अनियमितता को भी सुधार सकता है।
- 7. ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में लाभकारी तिल में मैग्नीशियम और सेसामिन नामक तत्व होते हैं जो हाई बीपी को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
- 8. इम्युनिटी बढ़ाता है इसमें जिंक, आयरन और विटामिन्स होते हैं जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। सर्दी-खांसी के मौसम में यह शरीर को मजबूत बनाता है।
- 9. ब्लड में आयरन को बढ़ाता तिल, खून की कमी वाले लोगों के लिए अच्छा है, क्योंकि इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है।
- 10. बढ़ते बच्चों के लिए लाभदायक तिल बच्चों की हड्डियों, दिमाग और सम्पूर्ण विकास के लिए अच्छा पोषण देता है।
सफेद तिल के नुकसान…
- 1. तिल में कैलोरी और फैट ज्य़ादा होते हैं। ज्य़ादा खाने से वज़न बढ़ सकता है इसलिए सीमित मात्रा में ही खाएं।
- 2. तिल की तासीर गर्म होती है। ज्य़ादा खाने से मुँह के छाले, शरीर में गर्मी या पिंपल्स हो सकते हैं।
- 3. कुछ लोगों को तिल से एलर्जी होती है जिसमें खुजली, सूजन या साँस लेने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसका सेवन तुरंत बंद करना चाहिए।
- 4. जो लोग पहले से लो बीपी से परेशान हैं उन्हें तिल ज्य़ादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए, क्योंकि यह बीपी को और कम कर सकता है।
- 5. कुछ लोगों में तिल का ज्य़ादा सेवन पेट ढीला कर सकता है या गैस बना सकता है।
- 6. इसमें ऑक्सलेट होता है जो किडनी स्टोन वाले लोगों को परेशानी दे सकते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। दिन में कितना तिल लेना चाहिए सामान्य व्यक्ति के लिए 1-2 चम्मच तिल रोज़ाना काफी है।



