कादमा (हरियाणा): आध्यात्मिक व पारिवारिक मूल्यों से ही भारत देश पुनः विश्व गुरु बन सकता है हम अपने सनातन धर्म के नियम मर्यादाओं में रहकर हर कर्म करें तो अवश्य ही हमारे घर मंदिर बन जाएंगे वसुधैव कुटुंबकम की भावना पैदा होगी यह विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन, गौ रक्षक कथावाचक बहन बेला पारीक, जिला पार्षद अशोक थालौर, कैलाश चंद शास्त्री, पचगांव गुरुकुल की प्राचार्य डॉ चंद्रकला आर्या, संघ प्रवक्ता डॉ सुदीप प्रोफेसर सेंट्रल यूनिवर्सिटी पाली, डॉ विनय, सतवीर शर्मा आदि ने भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर बहन कथा वाचक बेला पारीक ने गौ रक्षक भारतीय संस्कृति बचाने के लिए अध्यात्म को धारण करने की बात कही तो कैलाश चंद्र शास्त्री ने सामाजिक मूल्यों को बढ़ाने पर्यावरण संरक्षण करने की बात कही डॉक्टर चंद्रकला आर्य ने स्वदेशी अपनाने व युवा पीढ़ी को संस्कारित करने के लिए कहा। हिंदू सम्मेलन में ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर प्रबुद्ध नागरिक गणों द्वारा पटका पहना करके सम्मानित किया।





