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नागपूर: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हस्ते नागपुर के विश्व शांति सरोवर में “एकता और विश्वास से महाराष्ट्र का स्वर्णिम युग” का भव्य शुभारंभ

”अब उस भारत का निर्माण हो रहा है जहाॅ बाघ और बकरी एक जगह पानी पिते थे“ महामहिम राष्ट्रपती श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी 

नागपूर,महाराष्ट्र। सामाजिक एकता, विश्वास और सकारात्मक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा राज्य स्तरीय अभियान “एकता और विश्वास से महाराष्ट्र का स्वर्णिम युग” का भव्य शुभारंभ भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हस्ते नागपुर जामठा स्थित विश्व शांति सरोवर में सम्पन्न हुआ। इस समय महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी, ब्रह्माकुमारीज् मुख्यालय माउंट आबू से अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बी.के. मृत्युंजय भाई एवं युवा प्रभाग की चेयरपर्सन राजयोगिनी बी.के. चंद्रिका दीदी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर जिल्हे के पालकमंत्री श्री चन्द्रशेखर बावनकुळेजी, नागपुर ब्रह्माकुमारीज् संस्था की संचालिका राजयोगिनी रजनी दीदी जी, सहसंचालिका राजयोगिनी मनिषा दीदी जी उपस्थित थें । कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के द्वारा की गयी।

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने गोल्डन ईरा आफ महाराष्ट्र थ्रु युनिटी अन्ड ट्रस्ट अभियान के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संबोधन दिया उन्होंने कहा – महाराष्ट्र पूरे देश की प्रगति को शक्ति देता रहा है। उद्योग, कृषि, उद्यमिता, नवाचार, उच्च शिक्षा और अमूल्य सांस्कृतिक परंपराएं, इन सबके बल पर महाराष्ट्र आत्मविश्वास से आगे बढ़ते हुए भारत की विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हमारा लक्ष्य ऐसे समग्र विकास की ओर बढ़ना है, जिसका लाभ हर नागरिक तक पहुँचे। इतिहास से प्रेरणा लेकर तथा आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और नवाचार की शक्ति का उपयोग करके एक अधिक सशक्त और समृद्ध महाराष्ट्र तथा भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करना होगा। इस दिशा में, ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है इस कार्यक्रम से महाराष्ट्र के निवासियों को आंतरिक शक्ति, सकारात्मक नेतृत्व और मूल्य-आधारित विकास की प्रेरणा मिलेगी। मैं महाराष्ट्र की जनता को उनके परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्र प्रेम के लिए नमन करती हूँ। मुझे आशा है कि आज का यह कार्यक्रम स्वर्णिम, सशक्त और समृद्ध महाराष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरणा देगा ।

राष्ट्रपति जी ने सकारात्मकता, वर्तमान पर विश्वास और पूर्णता के अनुभव का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक स्थिति में विश्वास अर्थात भरोसा कायम रहना चाहिए। हम सुनते आए हैं कि बाघ और बकरी साथ पानी पीते थे। विश्वास रखें उस दौर का पुनरागमन होगा। राष्ट्रपति ने नागरिक कर्तव्य का स्मरण कराते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक समानता को बढ़ावा दें, भेदभाव से दूर रहें और विश्वास के साथ सहभागिता रहे तो देश आगे बढ़ता है । इस दौरान देश के विकास के लिए कहा कि भारत को सोने की चिड़िया कहते थे। वह युग अच्छा था। यह युग भी अच्छा है। इसके लिए हमें भी अच्छा ही होना चाहिए। कहते हैं विश्वास में ही भगवान है। विश्वास से ही भगवान को पा सकते हैं। भगवान भी सकारात्मकता चाहते हैं। एक दूसरे पर विश्वास करें। महाराष्ट्र के संत, समाज सुधारकों के योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश के विकास को शक्ति देता है। 

विश्वास के साथ मिल-जुलकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि भारत तब ही सही मायने में विकसित कहलाएगा, जब सबको आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। विकास केवल सरकारी योजनाओं के बल पर ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होता है। सबकी भागीदारी हमें विकसित भारत के मार्ग पर आगे ले जाएगी।छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे देश की सबसे प्रेरक विभूतियों में से एक हैं। उन्होंने न्याय और आजादी के पक्ष में संघर्ष किया। उनका वह संघर्ष स्वराज के लिए था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने लोक-कल्याणकारी, न्याय-प्रधान और सुरक्षा-केन्द्रित शासन का बीज बोया। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण सशक्तिकरण का जो अभियान शुरू किया, वह केवल महाराष्ट्र का नहीं, पूरे भारत के सामाजिक हमें देश प्रेम, एकता और विश्वास का संदेश मिलता पुनर्जागरण का आधार बना। ऐसी महान विभूतियों से है, जो देश के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

सरकार की पहल –राष्ट्रपति ने कहा- सरकार, राष्ट्रीय एकीकरण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अनेक पहल कर रही है। “एक भारत श्रेष्ठ भारत की सोच के साथ विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया गया है। डिजिटल इंडिया अभियान से पारदर्शिता बढ़ी है और सेवाओं की पहुंच आसान हुई है। डीबीटी के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचकर उनका भरोसा सुदृढ़ किया गया है। आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में निवेश से समावेशी विकास को गति मिल रही है। ऐसे सभी प्रयासों से नागरिकों का विश्वास बढ़ता है और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त बनती है।

भारत ने भूखंड नहीं आत्मा जीतने का काम किया : राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी – भारतीय संस्कृति और जीवन में नैतिकता का जिक्र करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी  ने कहा कि भारत ने भूखंड नहीं, बल्कि आत्मा जीतने का काम किया है। जिस संगठन में एकता और विश्वास है उसकी प्रगति नहीं रोकी जा सकती है। जिसका निजी जीवन गंदगी से भरा है, उसका सार्वजनिक जीवन भी अच्छा नहीं कहला सकता है। भारत के, कि जलों में जल मिलकर भी अलग नहीं होते हैं। मूल संस्कृति का आधार वेद है। वेद का उपदेश है एकता के बिना शांति नहीं हो सकती है। गृहस्थ जीवन का भी पहला सूत्र एकता और विश्वास है। इसी से दुनिया में सफलता से जीते हैं । 

माऊंट आबू ब्रह्माकुमार भ्राता मृत्युंजय भाई ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी परिवार के भाई.बहनों सहित बड़ी संख्या में शांति प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे। मन की शांति से ही विश्व शांति अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि वर्तमान समय में संसार अशांति तनाव और भय के दौर से गुजर रहा है। इसका मूल कारण व्यक्ति के मन की अस्थिरता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा विश्व शांति की शुरुआत मेरे मन की शांति से होती है।श् उन्होंने बताया कि जब तक व्यक्ति स्वयं आंतरिक रूप से शांत नहीं होगा तब तक परिवार, समाज और विश्व में स्थायी शांति संभव नहीं है।

बावनकुले ने कहा तकनीकी प्रगति व आर्थिक मजबूती का काल – सामाजिक व आध्यात्मिक जीवन के लिए  ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्य को महत्वपूर्ण ठहराते हुए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह संस्था मानवीय जीवन मूल्यों की रक्षा कराती है। फिलहाल तकनीकी प्रगति व आर्थिक मजबूती का काल चल रहा है। स्वर्णिम महाराष्ट्र अभियान जीवन में ऊर्जा लाने वाला है।

गुजरात से पधारी युवा विंग की अध्यक्षा ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदीजी ने कहा की आज का मानव भयभीत है। मनुष्य को अपने आप में विश्वास नही है। अपना आत्म विश्वास जगाना होगा। हमे एक दुसरे पर विश्वास करना होगा। तीन महत्वपूर्ण बाते बताई। हमेशा वर्तमान में रहना है। हम परमात्मा के बच्चे है इसलिये प्रेजेंट में सकारात्मक रहना है। हर मानव में पूर्णता के प्रती पुर्णता का आव्हान करते रहना है। अपने आप पर विश्वास रखना होगा। पास्ट बित गया। भविष्य हमने देखा नही। इसलिए वर्तमान में जीना है।

कार्यक्रम का कुशल संचालन सहसंचालिका बीके मनीषा दीदी ने किया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य अजय संचेती, आरएसएस और महानगर संघचालक राजेश लोया, महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर त्नीत्या हाथीबेड, पूर्व मंत्री रमेश चंग, आजपा नेता जयपकाम गुप्ता, विक्की कुकरेजा, संजय भेंडे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। 

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