नालबारी,असम : रमजान माह के पावन अवसर में नालबारी जिला में मुस्लिम कम्युनिटी के लिए नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मोबाइल वैन द्वारा चली सेवाओं की रिपोर्ट
1. जामा मस्जिद, नालबारी में जुम्मा की नमाज के पश्चात मस्जिद प्रांगण में सेक्रेटरी राहुल अमीन जी की देखरेख में करीब 415 मुस्लिम भाइयों के लिए https://drive.google.com/drive/folders/1TsZYs7-pIq8ZtpasGzfqho9MOj0bytsh?usp=sharing2. जामा मस्जिद, कुंदरगांव में अफ्तारी के पश्चात 150 मुस्लिम भाइयों के लिए सेक्रेटरी मतिबुल हुसैन की देखरेख में संपन्न हुआ https://drive.google.com/drive/folders/1tmtW4UkwReg-KRc5DC3fjT_y-PbxXviN?usp=sharing
इन कार्यक्रमों के दौरान बी के राजीव (मेडिकल विंग वक्ता) ने सभी को नशीले पदार्थों के सेवन द्वारा होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों से अवगत कराते हुए स्वयं की असीम सुषुप्त शक्तियों की ओर ध्यान खिंचवाया एवं राजयोग का अभ्यास करवाते हुए इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में सामूहिक प्रतिज्ञा भी करवाई। उन्होंने आगे बताया कि यदि एक सच्चा मुसलमान जिस दिन रोज़ा रखता है तो किसी भी खाद्य पदार्थ आदि का सेवन नहीं करता वैसे ही अगर एक व्यसनी सुबह उठते ही खुदा को उसकी सबसे बड़ी नेमत इस शरीर के प्रति शुक्रिया अदा करें और उसके सामने अपना शुद्ध संकल्प रखें कि आज के दिन इस जहरीले पदार्थ का मैं सेवन नहीं करूंगा अर्थात आज मेरा गुटखा व किसी भी नशीले ज़हरीले पदार्थ का रोज़ा है तो वह निश्चित ही अपने नेक बंदे की मदद में उसके मन को इतना सशक्त बना देगा कि वह उस दिन खुद को इस ज़हर से मुक्त रखने में सफल होगा। अतः यदि वह प्रतिदिन सुबह उठते हुए खुदा के सम्मुख यह संकल्प रखें तो निश्चित ही उसके कैसे भी बुरे व्यसन से सर्वशक्तिमान ईश्वर उसे मुक्ति दिला सकता है। तत्पश्चात सभी से आग्रह किया कि कोई भी मात-पिता जब अपने बच्चों को इन जहरीले तत्वों से बचाना चाहता है तो उसकी शुरुआत पहले स्वयं से करें क्योंकि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं। अंत में उपस्थित स्थानीय लोगों ने आवाम से खुद को इस बुराई से बचने के लिए अपील करते हुए ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए सभी को अपने बच्चों को इन नशीले पदार्थों से बचाने की संगठित शपथ ली।
इन कार्यक्रमों का सफल आयोजन करने में नालबारी सेवा केंद्र (Certificate No. 173) की राजयोगिनी बी. के. जोनली बहन जी सहित बी. के. गीतिमा और पुष्पक भाई का अथक सहयोग रहा।






