बिलारी, उत्तर प्रदेश। ब्रह्मा कुमारीज़ सेवा केंद्र पर होली के कार्यक्रम में उपस्थित बीके अलका दीदी जी ने सभी को जागृत करते हुए बताया कि जिस प्रकार होली पहले जलाई जाती है फिर मनाई जाती है। हम सभी अपने अलबेलापन और आलस्य को जला दें और फिर प्रभु के रंग में स्वम को रंग कर अध्यात्मिक होली मनाएं। इस कार्य क्रम में पहुंचे मथुरा से बीके राजू भाई ने सभी को होली का अध्यात्मिक रहस्य बताया कि होली शब्द के तीन अर्थ है एक अंग्रेजी में होली अर्थात् पवित्र दूसरा होली अर्थात् बीती सो बीती जो बीत गया सो बीत गया। उसका चिंतन नहीं करना है और तीसरा होली अर्थात् मै आत्मा प्रभु परमात्मा की हो गई ।कार्य क्रम में बीके अनीता बहन ने सभी को बताया कि आत्मा के सात गुण जिनको सात रंगों में दिखाया है वह है शांति, प्रेम,सुख ,आनंद ,शक्ति ,ज्ञान,पवित्रता । इस अवसर पर चंदौसी सेवा केंद्र से पधारी बीके विनीता बहन ने सभी को बताया कि हम स्वयं को परमात्मा के प्रेम से भरपूर करें अपने मन और बुद्धि को परमात्मा की याद में लगाकर परमात्मा के गुणों से स्वम को भरपूर करें।सुनीता बहन कुमारी दीवी ने होली गीत पर डांस किया।





