श्रमिक केवल काम नहीं करते, वे सृजन करते हैं
हर निर्माण के पीछे किसी श्रमिक का त्याग, परिश्रम और समर्पण छिपा होता है- ब्रह्माकुमारीज़
काम केवल आजीविका नहीं बल्कि आत्म निर्माण का माध्यम भी है
छतरपुर म. प्र.: यह दिन उन सभी श्रमिकों, कारीगरों और मेहनतकश भाई बहनों को समर्पित है जिनके परिश्रम से यह संसार सुंदर व्यवस्थित और विकसित बनता है। जब हम किसी भव्य इमारत को देखते हैं किसी सुंदर घर में रहते हैं या किसी सुगम सड़क पर चलते हैं तो हमें सुविधा तो दिखाई देती है लेकिन उसके पीछे छिपी मेहनत अक्सर नजर नहीं आती। आज की दुनिया में हम अक्सर सफलता को पैसे और पद से जोड़ देते हैं। अगर गहराई से देखा जाए तो हर सफलता की जड़ में श्रम ही होता है। एक किसान खेत में मेहनत करता है तब अन्न हमारे घर तक पहुंचता है, एक मजदूर सड़क बनाता हैं तब यात्रा आसान होती है, एक कारीगर घर बनाता है तब परिवार बसता है।
उक्त उद्गार अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज किशोर सागर में आयोजित कार्यक्रम में छतरपुर सेवा केंद्र प्रभारी बीके शैलजा दीदी ने व्यक्त किये।
उन्होंने आगे कहा कि जब राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने श्रम के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए उनके परिश्रम को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया और कई श्रमिकों का व्यक्तिगत रूप से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि इन कारीगरों और मजदूरों के समर्पण बिना ऐसा दिव्य कार्य संभव नहीं था।
ब्रह्माकुमारीज का विश्वकर्मा निर्माण प्रभाग एक नई सोच देता है कि काम केवल आजीविका नहीं बल्कि आत्म निर्माण का माध्यम भी है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई तत्पश्चात बीके रीना ने कार्यक्रम में पधारे कर्मकारों का तिलक एवं उपर्णा द्वारा सम्मान किया।
इस अवसर पर बीके कल्पना ने सभी को नशे से होने वाली हानियां बताईं और अपने शरीर को स्वस्थ और घर में शांति बरकरार रखने के तरीके बताएं तत्पश्चात नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।








