बीदर, कर्नाटक। रंगों का त्यौहार होली पर्व पर मे ब्रह्मा कुमारीज राजऋषिवन रिट्रीट सेंटर में अलौकिक होली एवं मिलन समारोह का आयोजन किया गया। होली का पावन पर्व अत्यंत उमंग, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आत्मस्मृति के पवित्र तिलक के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिकता और आत्मीयता से भर उठा।
उपस्थित सभी भाई-बहनों ने इस अवसर पर एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हुए प्रेम और खुशी के साथ इस पर्व का आनंद लिया।
इस अवसर माउंट आबू से पधारे राजयोगी बी के जयसिम्हा भाई ने होली का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आत्मा को विकारों से मुक्त कर प्रेम, शांति और सद्भाव के रंगों में रंगने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि जब हम आत्मस्मृति में रहकर जीवन जीते हैं, तब हमारा जीवन भी खुशी, प्रेम, सुख, शांति आदि दिव्य गुणों से भर जाता है।
राजयोगिनी बी के सुमंगला दीदी (निदेशिका राजऋषिवन, बीदर) ने भी होली से जुड़ी परंपराओं के मूल अर्थ को सरल शब्दों में समझाते हुए सभी को प्रेरित किया कि हम अपने जीवन में बुरे संस्कारों को समाप्त कर प्रेम, पवित्रता और खुशी के रंगों से अपने जीवन को सजाएँ।
सभी ने झलक तुम्हारी ओ प्यारे भगवन…इस गीत पर उमंग के साथ अलौकिक रास का आनंद लिया।
इस मौके पर राजयोगिनी बी के सुमंगला दीदी( निदेशिका राजऋषिवन बीदर) , राजयोगिनी बी के सुनंदा दीदी( संचालीका ब्रह्मा कुमारिज् बीदर)राजयोगी बी के जयसिम्हा भाई ( निदेशक इंडिया वन सोलर प्रोजेक्ट माउंट आबू)भ्राता डॉ वैजनाथ कमठाने,संचालक कमठाने इंटरनैशनल स्कूल, भ्राता शिव शरणप्पा वाली, वरिष्ठ पत्रकार बीदर,डॉ चंद्रकांत गुदगे जेनरल फिजिशियन, डॉ हनमशेट्टी MD फिजिशियन, डॉ आनंदराव चिल्ड्रेन स्पेशलिस्ट, शिवराज पाटिल, संचालक वंदे मातरम् इंटरनेशनल स्कूल बीदर, संतोष पाटिल, बीदर शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम में संगारेडी, देगलूर, हुलसूर, बसवकल्याण, औराद आदि स्थानों से कुल 600 बी के भाई बहने सम्मिलित हुए। सभी के लिए ब्रह्मा भोजन की व्यवस्था की गई थी।










