मुख पृष्ठराज्यमध्य प्रदेश।बिजावर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरणादायी कार्यक्रम “नारी सम्मान – का आयोजन

बिजावर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरणादायी कार्यक्रम “नारी सम्मान – का आयोजन

बिजावर, मध्य प्रदेश। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान में आशीर्वाद भवन शिव सिटी कॉलोनी ,गुलगंज रोड पर “नारी सम्मान – विषय पर एक प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आध्यात्मिकता के माध्यम से आंतरिक सशक्तिकरण का संदेश आत्मसात किया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनकी वास्तविक आध्यात्मिक पहचान से परिचित कराते हुए आत्मबल, सम्मान और सकारात्मकता के मार्ग पर अग्रसर करना था।
कार्यक्रम का प्रारंभ स्वागत सत्र से हुआ, जिसके पश्चात दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इसी के साथ आए हुए विशेष महिला अतिथियों का स्वागत मोतियों की माला और पट्टा उड़ा कर किया गया।
बाल कलाकारों द्वारा अनेक प्रस्तुति दी गई तथा बीके अवधेश भाई द्वारा महिलाओं के सम्मान में विशेष नृत्य की प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ बिजावर उपसेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी प्रीती दीदी जी ने महिला सशक्तिकरण पर अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए।
उन्होंने कहा की नारियों को परमात्मा ने इस धरती पर श्रृंगारित करके ही भेजा है वह जितना बाहर से श्रृंगारित रहती है यदि वह चाहे तो परमात्मा के ज्ञान ,गुण ,शक्ति द्वारा अंदर से श्रृंगार कर सकती है इसके लिए उन्हें अलग से देवी बनने की जरूरत नहीं है क्योंकि यही नारियां ही अपने दिव्या गुना के कारण देवियों का स्वरूप है फिर चाहे लक्ष्मी हो, चाहे सरस्वती। यदि आप अपने स्वरूप को जान जाएंगे तो अपने स्वरूप से अनेकों की सेवा कर सकते हैं।इस प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में गहोई समाज की अध्यक्ष रीना विशवारी, महिला बाल विकास अधिकारी राजकुमार बागरे जी, शासकीय शिक्षिका नमिता धकड़, आशा कार्यकर्ता राजा बाई प्रजापति, अनेक क्षेत्र से पधारी महिलाएं उपस्थित रही।
महिला बाल विकास अधिकारी बागरे जी ने महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा विचारणीय बात है कि महिला दिवस मनाया जाता है पुरुष दिवस नहीं क्यों आखिर महिला दिवस की अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र संघ को जरूर क्यों पड़ी, क्यों संपूर्ण विश्व में महिला दिवस मनाया जाता है, जैसा दीदी ने अभी बताया कि महिलाओं का चरित्र-चित्रण कैसे होता है उन्हों में कितनी प्रेम की भावना होती है, मात्र शक्तियों अद्भुत है। माता के द्वारा एक बच्चे को जन्म देने में जितनी शक्ति, या कष्ट लगत है उसका आधा कष्ट यदि पुरुषों को दिया जाए तो इतने कष्ट पीड़ा में पुरुष मर जाएगा। तो यह विचारणीय बात की कितनी सहनशक्ति है नरी में।
शासकीय अध्यापिका धकड मैडम ने नारियों के सम्मान में बताएं कि आज की नरी प्रत्येक क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है परंतु कई क्षेत्रों में आज भी उनके साथ भेदभाव होता है ऐसा क्यों सोचने योग्य बातें हैं, आज उपस्थित सभी माताए, बहने और भाईयों से मेरा कहना है कि यह भेद भाव ना करें, बहन ,भाई बराबरी से खड़े हो उन्हें केवल खाना पकाने, पराये घर जाना है।
यह दबाव ना डालें।इस प्रोग्राम का मंच संचालन बीके रचना दीदी द्वारा किया गया। आए हुए अतिथियों का ईश्वरीय सौगात, प्रभु प्रसाद दिया गया। तथा सभी माताओं ,बहनों को प्रसाद वितरण किया गया।
जल सहेली फाउंडेशन संयोजक छतरपुर से, कल्पना चौरसिया
उन्होंने कहा है कि हम सभी शक्तिशाली है आज खास दिन महिलाओं का दिन है इसलिए मैं सभी का धन्यवाद करती हूं वंदन करती हूं अभिनंदन करती हूं क्योंकि नारी शक्ति चाहे समाज के क्षेत्र में हो चाहे राजनीतिक क्षेत्र में हो हर क्षेत्र में आगे हैं।

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