आगरा,उत्तर प्रदेश। ब्रह्माकुमारी आर्ट गैलरी म्यूजियम में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के वरिष्ठ राजयोग शिक्षक ब्र. कु. राजू भाई जी (माउंट आबू) के पावन आगमन पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं आगंतुकों ने उपस्थित होकर राजयोग मेडिटेशन और ईश्वरीय ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
बी के राजू भाई जी ने माउंट आबू मुख्यालय में रहते हुए यज्ञ सेवा के अनेक अनुभव भाई-बहनों के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार दादीयों के सान्निध्य में रहकर सेवा करने का सौभाग्य मिला और उनके जीवन से त्याग, तपस्या, समर्पण तथा सादगी की प्रेरणा प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि दादीयों का जीवन स्वयं एक जीवंत मुरली था, जो हर आत्मा को सेवा और ईश्वरीय प्रेम की राह दिखाता है।
अपने दिव्य उद्बोधन में बी के राजू भाई जी ने संगमयुग की महिमा बताते हुए कहा कि यह समय आत्मा को अपने सत्य स्वरूप की पहचान कराने और परमात्मा शिव से संबंध जोड़ने का अत्यंत शुभ अवसर है। राजयोग के अभ्यास से मनुष्य अपने जीवन में शांति, शक्ति और सुख का अनुभव कर सकता है तथा अपने जीवन को श्रेष्ठ और पवित्र बना सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि माउंट आबू मुख्यालय में वर्षों से मुरली टाइपिंग सेवा करते हुए बाबा के महावाक्यों को विश्वभर के भाई-बहनों तक पहुँचाने का सौभाग्य मिला है। बाबा की मुरली आत्मा के लिए आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है, जो जीवन को बदलने की प्रेरणा देती है और आत्मा को परमात्मा के समीप ले जाती है।
कार्यक्रम के दौरान सभी भाई-बहनों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर आत्मिक शांति का अनुभव किया। इस अवसर पर बीके मधु दीदी, बीके माला दीदी, संगीता बहन ने राजू भाई जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर ईश्वरीय स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने अनुभव किया कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम आत्मा को नई शक्ति और प्रेरणा प्रदान करते हैं तथा जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं।







