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गंगटोक: बीके उषा दीदी जी के शुभागमन पर गंगटोक में दो दिवसीय ब्रह्माकुमारीज़ का भव्य आध्यात्मिक

गंगटोक,सिक्किम: राजयोगिनी बीके उषा दीदी जी के शुभागमन पर गंगटोक में दो दिवसीय ब्रह्माकुमारीज़ का भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रह्माकुमारीज़ गंगटोक द्वारा 1 और 2 मार्च 2026 को शांति कुंड, डेवलपमेंट एरिया में दो दिवसीय भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन दो अलग-अलग वर्गों के लिए समर्पित था – पहला दिन विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज़ विद्यार्थियों के लिए और दूसरा दिन सार्वजनिक जनसमुदाय के लिए।

पहला दिन – ब्रह्माकुमारीज़ विद्यार्थियों के लिए (1 मार्च 2026)

पहले दिन का कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था, ताकि वे आध्यात्मिक शिक्षा और अनुशासन का गहन अनुभव प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ सिक्किमी पारंपरिक शैली में स्वागत सत्र से हुआ। इसके बाद सिक्किमी सांस्कृतिक पारंपरिक नृत्य मधुबन से पधारे राजयोगिनी बीके उषा दीदी जी एवं अन्य भाई-बहनों के स्वागत में प्रस्तुत किए गए।

बीके सोनम दीदी ने शुभकामना संदेश दिया और विद्यार्थियों को आध्यात्मिक जीवन में पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा दी। इसके बाद योग भट्टी क्लास में राजयोगिनी बीके उषा दीदी  ने “संपूर्ण पवित्रता” विषय पर प्रवचन दिया। उन्होंने समझाया कि पवित्रता ही आत्मिक शक्ति का आधार है।

दूसरे सत्र में उन्होंने “व्यर्थ से मुक्त होने की विधि” पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि व्यर्थ विचारों से मुक्त होकर ही मन एकाग्र और शक्तिशाली बनता है।

दिन का समापन ईश्वरीय तोली वितरण और होली उत्सव के साथ हुआ ।

दूसरा दिन – (2 मार्च 2026)

गंगटोक, सिक्किम, २ मार्च २०२६ – ब्रह्माकुमारीज़ गंगटोक द्वारा शांति कुंड, डेवलपमेंट एरिया में एक भव्य और प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का  मुख्य विषय था सकारात्मक सोच की कला: अहंकार को समझना और उस पर विजय प्राप्त करना”

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण के साथ हुआ। बीके भाई जी ने संस्था की वैश्विक गतिविधियों का परिचय देते हुए मुख्य वक्ता राजयोगिनी डॉ. बीके उषा दीदी का परिचय कराया।

मुख्य अतिथि श्री अरुण कुमार उप्रेती, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, सिक्किम सरकार ने अपने उद्बोधन में प्रशासनिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती छेरिंग पाल्डेन भूटिया, डिप्टी मेयर, गंगटोक नगर निगम ने ब्रह्माकुमारी के सामुदायिक कल्याण कार्यों की सराहना की।

राजयोगिनी डॉ. बीके उषा दीदी ने अपने ओजस्वी प्रवचन में “अहंकार प्रबंधन” पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने समझाया कि सूक्ष्म अहंकार जीवन की प्रगति में बाधक है और ‘स्वमान’ का  अभ्यास हमें सकारात्मक चिंतन की ओर ले जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सकारात्मक सोच अहंकार पर नियंत्रण पाने में सहायक होती है और व्यक्ति को शांति व सुखमय जीवन की ओर ले जाती है।

लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मानवता और अध्यात्म के प्रति अपनी दशकों लंबी निस्वार्थ सेवा के लिए राजयोगिनी डॉ. बीके उषा दीदी को “प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान ICFAI विश्वविद्यालय, सिक्किम की ओर से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. रोहित राठी द्वारा प्रदान किया गया।

  • इस अवसर पर सुश्री कलावती सुब्बा (पूर्व अध्यक्ष, सिक्किम विधानसभा), 
  • श्री थिनले नामग्याल देनसापा (प्रबंध निदेशक, डेंजोंग रीजेंसी), 
  • श्री फुर्बा रिनजिंग शेर्पा (अध्यक्ष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग), 
  • सुश्री विद्या विश्वकर्मा (अध्यक्ष, सहकारिता विभाग, सिक्किम सरकार), 
  • महिला संयोजक, 
  • मीडिया प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही डाइट (DIET) कॉलेज के ५० छात्र और २०० से अधिक प्रतिभागियों ने भी इस आयोजन से लाभ प्राप्त किया तथा दीदीजी के मार्गदर्शन से प्रेरणा पाई।

“बीके बृज भाईजी ने अपनी मधुर आवाज में एक रूहानी गीत प्रस्तुत किया, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। तत्पश्चात बीके सोनम दीदीजी ने शुभकामना संदेश देते हुए सभी को दैनिक राजयोग ध्यान अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम में पधारे सभी मान्यवरों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।” कार्यक्रम का समापन ईश्वरीय सौगात और  ब्रह्मा भोजन वितरण के साथ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन ने  आत्म-चिंतन, सकारात्मक जीवनशैली और आध्यात्मिक जागरूकता की नई लहर उत्पन्न की।    

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