रीवा, मध्य प्रदेश। 21 मार्च को विश्व कविता दिवस के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रीवा के कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायक काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आध्यात्मिकता, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम बना, जिसमें शहर के प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, पत्रकार एवं हिंदू धर्म परिषद के संस्थापक अध्यक्ष नारायण डिगवानी द्वारा की गई। उनके सान्निध्य में कार्यक्रम ने एक उच्च साहित्यिक एवं वैचारिक ऊँचाई प्राप्त की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. रामस्वरूप द्विवेदी “शान्ति दूत “, डॉ. अमित कुमार द्विवेदी, डॉ. प्रतिभा द्विवेदी, मनीष कुमार चांदवानी एवं शिवम चतुर्वेदी सहित अन्य गणमान्य कवियों ने अपनी सशक्त एवं भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान राजयोगिनी बहनों एवं संचालिका बीके लता बहन के दिए द्वारा गए आशीर्वचन ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने अपने दिव्य संदेशों के माध्यम से बताया कि कविता केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मा की अनुभूति और परमात्मा से जुड़ने का माध्यम है।
काव्य पाठ के दौरान देशभक्ति, सामाजिक चेतना, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत रचनाओं ने उपस्थित जनसमूह के हृदय को स्पर्श किया। प्रत्येक कवि ने अपनी विशिष्ट शैली में जीवन के गूढ़ सत्यों को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन ब्रह्माकुमारीज संस्थान के कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से किया गया। उपस्थित सभी अतिथियों एवं श्रोताओं ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे एक यादगार साहित्यिक एवं आध्यात्मिक संगम बताया।
अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं शुभकामनाओं के साथ सम्मानित किया गया तथा विश्व में शांति, सद्भावना एवं सकारात्मकता के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अन्य कविता पाठ करने वालों में बीके ज्योति , बीके नेहा , बीके रूपा, बीके आंशिका, बीके आरती, बीके राखी,, बीके अंजुला, बीके पूजा, बीके सुभाष, पीयूष, सतेन्द्र, प्रभाकर सिंह आदि अपनी स्व रचितकविताओं का पाठ किया।
आभार प्रदर्शन प्राचार्य दीपक तिवारी ने किया।








