आगरा ,उत्तर प्रदेश। आज ब्रह्माकुमारीज म्यूज़ियम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका एवं वरिष्ठ राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी जी की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत राजयोग मेडिटेशन से हुई, जिसके पश्चात उपस्थित भाई-बहनों ने दादी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर दादी जी के जीवन, उनकी सेवाओं एवं विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया।
बीके संगीता बहन ने बताया कि दादी रतन मोहिनी जी बचपन से ही आध्यात्मिकता से जुड़ी रहीं और उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन परमात्मा के संदेश को विश्वभर में फैलाने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने संगठन में प्रशासनिक प्रमुख एवं शिक्षा क्षेत्र की सेवाओं का नेतृत्व करते हुए अनेक देशों में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया।
उनकी विशेषताओं में सरलता, नम्रता, अनुशासन, सेवाभाव एवं सदा प्रसन्नचित्त रहने की कला प्रमुख रही। कार्यक्रम में भाई-बहनों को दादी जी के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके पदचिन्हों पर चलने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर बहन संगीता सहित अन्य भाई-बहनों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए दादी जी के जीवन को प्रेरणादायक बताया और उनकी स्मृति में सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।





