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रीवा : द्वादश ज्योतिर्लिंग स्वरूप महाकाल रथ यात्रा का भव्य स्वागत — माननीय डॉ. मोहन यादव जी के ससुराल में उमड़ा अपार श्रद्धा का सागर

एक साथ 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन — जीवन का महान सौभाग्य, मुख्यमंत्री जी की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव सहित संपूर्ण परिवार ने किया महाकाल का भावपूर्ण अभिनंदन

रीवा,मध्य प्रदेश। आध्यात्मिक उल्लास एवं दिव्य अनुभूतियों से ओतप्रोत वातावरण उस समय निर्मित हुआ, जब माननीय मुख्यमंत्री श्री डॉ. मोहन यादव जी के ससुराल में ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा निकाली जा रही द्वादश ज्योतिर्लिंग स्वरूप महाकाल रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
यह रथ यात्रा विशेष रूप से 12 ज्योतिर्लिंग के दिव्य स्वरूप में सजाई गई है, जहाँ एक साथ सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना मानव जीवन के सबसे बड़े सौभाग्य और पुण्य की निशानी माना जाता है। उपस्थित जनसमूह के लिए यह दृश्य अत्यंत अद्भुत एवं भाव-विभोर कर देने वाला रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव जी सहित उनके बड़े भाई रामानंद यादव, छोटे भाई सदानंद यादव एवं परमानंद यादव तथा संपूर्ण परिवार उपस्थित रहा। साथ ही देवी स्वरूप मातृ शक्तियाँ एवं दूर-दूर से आए अनेक रिश्तेदारों ने भी इस दिव्य क्षण का अनुभव किया।
जब सभी ने भोलेनाथ शिव बाबा के इस अद्भुत ज्योतिर्लिंग स्वरूप के दर्शन किए, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो साक्षात पिता और संतानों का मिलन हो रहा हो। वातावरण प्रेम, श्रद्धा और आत्मीयता से परिपूर्ण हो उठा।
इस रथ यात्रा के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया गया कि संपूर्ण मानव जाति, सभी धर्मों के लोग एक परमात्मा को स्वीकार कर प्रेम, शांति और सद्भावना के सूत्र में बंध सकते हैं।
श्रीमती सीमा यादव जी की सादगी, सरलता एवं उच्च विचारधारा ने सभी को प्रभावित किया। उनका जीवन सच्चे अर्थों में “सादा जीवन, उच्च विचार” की प्रेरणा प्रदान करता है।
माननीय मुख्यमंत्री जी स्वयं सनातन मूल्यों के प्रति समर्पित, कृष्ण प्रेमी एवं शिव भक्त हैं, और यही दिव्य संस्कार उनके परिवार में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। उनके पूज्य पिताश्री के श्रेष्ठ संस्कार आज भी इस परिवार के माध्यम से जीवंत रूप में अनुभव होते हैं।
इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज़ रीवा की संचालिका बीके लता दीदी ने प्रेम, शांति एवं सद्भावना का दिव्य संदेश अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि परमात्मा की स्मृति से ही मानव अपने जीवन को सुखमय एवं संतुलित बना सकता है और संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में देख सकता है।
यह रथ यात्रा पूरे एक वर्ष तक निरंतर गांव-गांव, गली-गली, मोहल्लों में जाकर मानव जीवन में प्रेम, शांति एवं सद्भावना का संदेश पहुँचा रही है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का उद्देश्य है।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी परिवार से बीके नम्रता दीदी, बीके मीनाक्षी, बीके विजय देव, बीके नेहा, बीके सुभाष, बीके रोहित एवं बीके सुरेंद्र सहित अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे। यह संपूर्ण सेवा राजयोगिनी बीके निर्मला जी (भोपाल जोन डायरेक्टर, कला एवं संस्कृति प्रभाग की कोऑर्डिनेटर) के निर्देशन में अनवरत रूप से संचालित हो रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी के हृदय में यही भाव गूंज रहा था—
“एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन—यह जीवन का परम सौभाग्य है।”
और हर चेहरे पर यह विश्वास झलक रहा था—
“बाबा आ गए, अब जीवन में और भी श्रेष्ठता एवं दिव्यता का संचार होगा।”

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