बांदा,उत्तर प्रदेश: आदरणीया राजयोगिनी ब्र.कु. गीता दीदी जी ( 58 वर्ष) ने आज 30 अप्रैल 2026 को अपने भौतिक शरीर का त्याग कर प्यारे बापदादा की गोद ले लीहम सभी की अति स्नेही, यज्ञ के अनन्य रत्न, ईश्वरीय सेवाओं में समर्पित, सरल स्वभाव एवं मधुर वाणी की धनी बांदा सेवाकेंद्र की सेंटर इंचार्ज आदरणीया राजयोगिनी ब्र.कु. गीता दीदी जी ( 58 वर्ष) ने आज 30 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:15 बजे गुरुवार के दिन बांदा सेवाकेंद्र में अपने भौतिक शरीर का त्याग कर प्यारे बापदादा की गोद ले ली। सुबह तबीयत बिल्कुल ठीक थी। बाबा का भोग भी बनाया और क्लास में बाबा का भोग भी लगाया। दीदी का हार्ट का इलाज पिछलेे कई वर्षों से चल रहा था। शुगर भी बहुत बड़ी हुई रहती थी। जिसका इलाज डाक्टर की देख रेख में चल रहा था। 30 अप्रैल गुरुवार दोपहर अचानक स्वांस लेने में कठिनाई होने लगी। अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया। धीरे-धीरे पल्स गायब होने लगी। अस्पताल से तुरंत डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने कहा,
अब कुछ नहीं बचा है। दीदी ने शरीर छोड़ दिया।
आदरणीया दीदी जी पिछले 35 वर्षों से ईश्वरीय सेवा में पूर्ण समर्पण भाव से निरंतर सेवाएं दे रही थीं। उनकी सरलता, स्नेह और सेवा भावना अनेक आत्माओं के लिए प्रेरणास्रोत रही है। सम्पूर्ण ब्राह्मण परिवार की ओर से ऐसी तपस्वी, त्यागी और श्रेष्ठ आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।
बांदा: आदरणीया राजयोगिनी ब्र.कु. गीता दीदी जी ( 58 वर्ष) ने आज 30 अप्रैल 2026 को अपने भौतिक शरीर का त्याग कर प्यारे बापदादा की गोद ले ली
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