पानीपत,हरियाणा: ज्ञान मानसरोवर रिट्रीट सेंटर के दादी चंद्रमणि यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम में हमारे परमआदरणीय भ्राता जगदीश जी 25वीं पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की इस वर्ष की थीम “आध्यात्मिक जागृति से विश्व परिवर्तन” के उद्घाटन साथ साथ सोशल विंग सर्विसेज सम्मलेन के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिक एवं समाज सेवियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज सेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक मूल्यों, सम्मानजनक वृद्धावस्था और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। अनेक समाज सेवा संस्थाओं ने भाग लिया – अनाथ एवं वर्ध आश्रम, पानीपत,गौशाला, पानीपत,फ्लाइंग क्लब ट्रस्ट, पानीपत,रोटरी क्लब रैनबौ,अग्रवाल संस्थान, सहयोग परिवार,लखदातार समिति ,सर्व सेवा संगठन संस्थान,श्री राधा अष्टमी सेवा समिति,राधा कृष्ण गौशाला,कलाकारों और कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय एकीकृत मंच,वरिष्ठ नागरिक मंच, करनाल,कोषाध्यक्ष सेवा भारती कर्ण,पूर्व कोषाध्यक्ष भारत विकास परिषद माधव शाखा,अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत,अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन..,धनजंय सिंगला जागृति फाउंडेशन,नयी पहल कल्याण समिति।
पानीपत की कार्यक्रम की शोभा बड़ाने के लिए मधुबन भूमि से आबू राज से बीके अवतार भाई, नेशनल कोऑर्डिनेटर, ब्रह्माकुमारी समाज सेवा प्रभाग पधारे। साथ साथ बी के बीरेंदर भाई, हेड कवाटर कोऑर्डिनेटर, समाज सेवा प्रभाग आबू राज, भ्राता प्रोफेसर ई. वी. गिरीश (मोटिवेशनल स्पीकर, मुंबई) , बी के आशा बहन, खानपुर, दिल्ली जोनल, कोऑर्डिनेटर भी पधारी। बी के निति बहन, शाहबाद, जोनल कोऑर्डिनेटर, पंजाब जोन, बी के पूनम बहन, चंडीगढ़, रीजनल कोऑर्डिनेटर पंजाब जोन, पधारें। मुख्य अतिथि क्र रूप में भ्राता राम निवास गुप्ता, समाज सेवी चैयरमेन, वृद्ध आश्रम एवं गौशाला, पानीपत पधारे। सभी मंचासीन , बी के भारत भूषण, निर्देशक, ज्ञान मानसरोवर, पानीपत एवं समाज सेवी संस्थाओं के प्रधानों ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर विधिवत तरीके से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

माउंट आबू से पधारे राजयोगी अवतार भाई, नेशनल कोऑर्डिनेटर, ब्रह्माकुमारी समाज सेवा प्रभाग ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए आध्यात्मिकता अत्यंत आवश्यक है। आध्यात्मिकता हमें सिखाती है सब का सम्मान करना एवं एक दूसरे की प्रति प्रेम की भावना रखना। आगे उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने समाज में बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा को आवश्यक बताया।
राजयोगी भारत भूषण भाई जी (डायरेक्टर GRC) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आध्यात्मिकता व्यक्ति को तनाव मुक्त और आत्मविश्वासी बनाती है। इसलिए जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाना अति आवश्यक है। साथ साथ हमारे परम आदरणीय भ्राता जगदीश जी की 25 वीं पुण्य स्मृति दिवस पर उनके चरित्रों पर प्रकाश डाला।
राजयोगी बीरेंदर भाई, हेड कवाटर कोऑर्डिनेटर, माउंट आबू ने कहा कि परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान और संस्कारों को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। साथ-साथ उन्होंने महिलाओं और युवाओं को समाज सेवा एवं सकारात्मक सोच से जुड़ने का संदेश भी दिया। उन्होंने समाज सेवा प्रभाग की हो रही सेवाओं पर प्रकाश डाला।

प्रोफेसर ई. वी. गिरीश ( मोटिवेशनल स्पीकर, मुंबई) ने कहा कि सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देते हैं। उन्होंने युवाओं को जीवन में लक्ष्य के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया की RERF के समाज सेवा प्रभाग का सरकार के साथ MOU साइन हुआ है जिसके अंर्गत हमारी युवा पीढ़ी को वृद्धावस्था वालो के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना और इस प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है संगम।
रामनिवास गुप्ता ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाता है, तभी समाज और विश्व में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। तभी हमारे मन में एक दूसरे की प्रति सम्मान की भावना आएगी।
बीके आशा बहन, खानपुर, जोनल कोऑर्डिनेटर, दिल्ली ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा उनके अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी को दिशा देने का कार्य करते हैं। एवं राजयोग का अभ्यास भी कराया। बी के अनीता बहन, हिसार कार्यक्रम में आये हुए सभी भाई बहनों को बुजुर्गों के सम्मान की प्रतिज्ञा कराई।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं समाज सेवा संस्थाओ से आये हुये मेहमानों एवं कार्यक्रम में 60 वर्ष से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। मंच का कुशल संचालन बी के सुनीता बहन, हुडा, पानीपत एवं बी के पूनम बहन, चंडीगढ़ ने किया। कुमारी धारा ने अपने नृत्य से सभी का स्वागत किया।






