मुख पृष्ठराज्यमध्य प्रदेश।इंदौर,प्रेमनगर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में “मातृ दिवस” कार्यक्रम सम्पन्न

इंदौर,प्रेमनगर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में “मातृ दिवस” कार्यक्रम सम्पन्न

इंदौर,प्रेमनगर, मध्य प्रदेश : मातृ दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इंदौर प्रेमनगर सेवा केंद्र द्वारा “माँ – सुखी परिवार की आधारशिला” विषय पर एक प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित अतिथियों, शिक्षाविद महिलाओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्य स्मृति में दो मिनट के मौन ध्यान से हुआ। तत्पश्चात संस्था का परिचय दिया गया। मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा पट्टे, माला, पुष्पगुच्छ एवं तिलक लगाकर किया गया।

स्वागत नृत्य के रूप में कु. दिगांगना द्वारा सुंदर गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। सभा में उपस्थित सभी जनों को एक पुष्प एवं प्रेरणादायी स्लोगन भी भेंट किया गया।

कार्यक्रम का संचालन काजल वाधवानी (MBA) द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी शारदा दीदी (प्रभारी, उपसेवा केंद्र, इंदौर बैराठी कॉलोनी) ने कार्यक्रम के विषय “माँ सुखी परिवार की आधारशिला” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ केवल परिवार की संरक्षक ही नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रथम गुरु होती है। परिवार में प्रेम, धैर्य और संस्कारों की नींव माँ के द्वारा ही स्थापित होती है।

मुख्य अतिथि वंदना अग्निहोत्री जी (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, इंदौर) ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में माँ को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। माँ त्याग, करुणा और शक्ति का स्वरूप है, जो समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अनीता शाह जी (प्राचार्य, इंदिरा विद्या हायर सेकेंडरी स्कूल) ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पहली पाठशाला माँ की गोद होती है। यदि माताएँ संस्कारवान हों तो समाज स्वतः श्रेष्ठ बनता है।

जाह्नवी चांदवानी जी (HOD, कॉमर्स विभाग, SAGE University) ने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता में भी मातृत्व के मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। माँ परिवार को भावनात्मक रूप से जोड़ने वाली शक्ति है।

कार्यक्रम में कु. सोम्या एवं कु. परी द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी जनों का मन मोह लिया।

दिशा जैसिंघानी जी (समाजसेवी, इंदौर) ने कहा कि माँ के प्रेम और त्याग का कोई विकल्प नहीं हो सकता। समाज में नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए मातृशक्ति का सम्मान आवश्यक है।

पलक खिलवानी जी (प्राचार्य, Wonder Rising Star School) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में माँ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी शशी दीदी जी (प्रभारी, इंदौर प्रेमनगर सेवा केंद्र) ने अपने दिव्य उद्बोधन में कहा कि आज परिवारों में सुख और शांति की कमी का मुख्य कारण आध्यात्मिक मूल्यों का अभाव है। माँ यदि स्वयं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बने तो पूरा परिवार संस्कारवान और खुशहाल बन सकता है। उन्होंने कहा कि माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। वर्तमान समय में माताओं को धैर्य, प्रेम, सहनशीलता और सकारात्मक सोच के माध्यम से परिवार को जोड़कर रखना होगा।

शशी दीदी जी ने आगे कहा कि राजयोग मेडिटेशन द्वारा महिलाएँ स्वयं को तनावमुक्त एवं आत्मिक रूप से सशक्त बना सकती हैं। जब माँ भीतर से खुश और शांत होगी तभी परिवार में सुख, प्रेम और सामंजस्य का वातावरण बनेगा।

कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान ब्र.कु. यश्वनी दीदी (प्रभारी, उपसेवा केंद्र इंदौर बिजलपुर) एवं ब्र.कु. अर्चना बहन द्वारा किया गया।

अंत में लक्ष्मी भदौरिया जी द्वारा सभी अतिथियों, बहनों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन ओम शांति के साथ हुआ।

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