उज्जैन,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव दर्शन धाम में मातृत्व दिवस एवं बाल व्यक्तित्व विकास शिविर उमंग छू ले आसमान का समापन बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। विशेष अतिथि के रूप में जीएसटी कमिश्नर डॉक्टर दिनेश जी एमडी आयुर्वेद डॉक्टर सिमरन बहन डॉक्टर स्नेहल देशमुख समाज सेविका पूजा जैन जी तथा वरिष्ठ समाजसेवी रमेश सामधानी जी और उज्जैन क्षेत्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी जी तथा मंजू दीदी जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को नृत्य नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया तथा सप्त दिवसीय शिविर में सिखाएं नैतिक मूल्यों को भी ड्रामा के माध्यम से व्यक्त किया साथ ही सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचने के लिए मात पिता की भूमिका को भी प्रदर्शित किया मातृ दिवस के अवसर पर सभी बच्चों ने अपनी मां को गले लगा कर शुक्रिया अदा की और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी तथा मां का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आदरणीय उषा दीदी जी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जिस प्रकार मात पिता अपने बच्चों से कहते हैं कि बच्चे चिंता मत करो मैं हूं ना तो सभी बच्चे भी अपने मात पिता को आश्वासन दे की हम सदा आपके साथ है अर्थात हर परिस्थिति में आपके साथ खड़े हैं। उषा दीदी जी ने सभी बच्चों एवं मात पिता को शांतिपूर्ण एवं सुखमय जीवन बनाने के लिए दिन भर के दिनचर्या में से अपने लिए समय निकाल राजयोग सीखने के लिए संस्था में आने का निमंत्रण भी दिया। प्रमुख अतिथि डॉक्टर दिनेश बिसेन जी ने बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा कि वर्तमान समय मोबाइल के इस दुनिया में भी आप सभी बच्चेअपना समय निकालकर नैतिक मूल्यों को सीखने के लिए समय दे रहे हैं तो आप सभी बहुत लकी है कि आप प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था में आकर बचपन में ही अपने भविष्य को सुंदर आकार दे रहे हैं तथा मातृ शक्तियों को मातृत्व दिवस की बधाई भी दिए। समाजसेवीका बहन पूजा जैन जी ने बच्चों के डिसिप्लिन को देखते हुए कहा कि सुख शांति का पाठ बच्चे केवल ब्रह्मा कुमारी संस्था में ही सीख सकते हैं इसलिए ऐसा समर कैंप जिसमें बच्चों के जीवन में परिवर्तन आए समय प्रति समय करते रहना चाहिए तथा सभी मात पिता को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी बहुत लकी है कि आपके बच्चे यहां पर इस कार्यक्रम में भाग लिए। कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर सिमरन एमडी आयुर्वेद न सभी मातृ शक्तियों को उनके त्याग स्नेह ममता एवं समर्पित भाव को व्यक्त करते हुए कहा की जीत पर तो हर कोई गले लगाता है लेकिन हार पर भी जो हमें गले लगा कर कहते हैं कोई बात नहीं बेटा मैं तेरे साथ हूं ,वह केवल मां ही है इसलिए मां का रिश्ता इस दुनिया में सबसे ऊंचा है। मां की जगह कोई भी नहीं ले सकता, मां तो मां ही होती है। इस प्रकार सभी बच्चों ने भी बड़े ही उमंग उत्साह से इस कार्यक्रम में भाग लिया सभा में पधारे सभी अभिभावकों अतिथियों तथा प्यारे-प्यारे बच्चों का मंजू दीदी जी ने अपने मधुर शब्दों से स्वागत किया तथा कार्यक्रम का सकुशल संचालन ब्रह्माकुमारी रूबी बहन ने किया।








