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कोल्लम: ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा राज्य स्तरीय मीडिया सेमिनार का आयोजन

मीडिया को शांति और सद्भाव का संदेशवाहक बनाने वाला विश्व रचें – प्रो. डॉ. मानसिंह परमार
शांति और सद्भाव भारत द्वारा विश्व को दिया गया महत्वपूर्ण पाठ है – डी. जयकृष्णन
मीडिया का उपयोग लोगों को जोड़ने के लिए होना चाहिए – शिवमोल
विश्व में शांति और सद्भाव की स्थापना में मीडिया की भूमिका पर पत्रकारों ने किया मंथन
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा राज्य स्तरीय मीडिया सेमिनार का आयोजन

कोल्लम,केरलम। शांति केवल सम्मेलन कक्षों में नहीं बनती, बल्कि यह हमारे विचारों, हमारे शब्दों और उन सूचनाओं से प्रारम्भ होती है जिन्हें हम प्रसारित करने का चयन करते हैं। मीडिया के पास असाधारण शक्ति है—पुल बनाने की भी और दीवारें खड़ी करने की भी; आशा जगाने की भी और भय फैलाने की भी। जब राष्ट्रों के बीच शांति होती है, तब मानवता के लिए आशा का द्वार खुलता है। आइए हम सब मिलकर ऐसा विश्व बनाएं जहाँ मीडिया शांति, सद्भाव और मानवीय गरिमा का संदेशवाहक बने। यह उद्गार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने व्यक्त किए।

वे ब्रह्माकुमारीज़ कोल्लम द्वारा आयोजित केरल राज्य स्तरीय मीडिया सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार को आयोजित इस सेमिनार का विषय था – “वैश्विक शांति एवं सद्भाव की आवश्यकता : मीडिया की भूमिका”।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मलयाला मनोरमा, कोल्लम के सहायक संपादक डी. जयकृष्णन ने कहा कि युद्धों में लगभग 55 मीडिया कर्मियों ने अपने प्राण गंवाए हैं। वर्तमान में कोविड से अधिक लोग युद्धों में मारे जा रहे हैं। आज हम लगातार ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ देख रहे हैं और मीडिया का उद्देश्य कहीं न कहीं व्यवसायिकता की ओर मुड़ गया है। शांति और सद्भाव वे महत्वपूर्ण मूल्य हैं, जिन्हें भारत ने विश्व को सिखाया है।

श्री नारायण कॉलेज, कोल्लम के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक प्राध्यापिका शिवमोल एस. ने कहा कि मीडिया में लोगों को विभाजित करने और जोड़ने दोनों की क्षमता है। हमें मीडिया का उपयोग लोगों को जोड़ने के लिए करना चाहिए। संघर्ष और टकराव से मुक्त शांतिपूर्ण जीवन ही मानवता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सेमिनार का विषय अत्यंत प्रासंगिक और समयानुकूल है। समाज में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मीडिया समाज का चौथा स्तंभ है तथा लोगों की सोच और दृष्टिकोण को प्रभावित करने की अद्भुत क्षमता रखता है। किसी भी परिस्थिति के प्रति लोगों का नजरिया बदल देना ही मीडिया की वास्तविक शक्ति है।

कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जळगांव के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. सोमनाथ ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ का मीडिया प्रभाग शांति पत्रकारिता एवं मूल्य आधारित पत्रकारिता को प्रोत्साहित कर रहा है। मीडिया केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानव दृष्टिकोण को परिवर्तित करने का सशक्त साधन है।

ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया प्रभाग, माउंट आबू के राष्ट्रीय संयोजक बी.के. शांतनु भाई ने मीडिया प्रभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीडिया केवल सूचना का स्रोत नहीं है, बल्कि विचारों, दृष्टिकोणों और समाज को आकार देने वाला एक प्रभावशाली माध्यम है। मीडिया में क्षणभर में लोगों के मन को प्रभावित करने की क्षमता होती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मीडिया प्रभाग, हैदराबाद की उपाध्यक्ष बी.के. सरला दीदी ने कहा, “आप सभी विशिष्ट व्यक्ति हैं। पत्रकारों को सभी लोग सम्मान और स्नेह देते हैं। समाज आपके विचारों को ध्यानपूर्वक सुनता है।”

भारत एक्सप्रेस न्यूज़ चैनल, रायपुर (छत्तीसगढ़) की रेजिडेंट एडिटर प्रियंका कौशल तथा जनमंत्र न्यूज़, रायपुर के प्रधान संपादक विशाल यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

पंकज दीदी ने उपस्थित पत्रकारों को राजयोग मेडिटेशन का अनुभव कराया। बी.के. रघुनंदन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

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