खजुराहो, मध्य प्रदेश। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाई-बहनों को पौधे वितरित किए गए तथा अपने-अपने घरों, आसपास के क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया। सभी ने पर्यावरण को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषणमुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। खजुराहो के त्रिलोखर धाम में भी वृक्षारोपण कर हरित वातावरण निर्माण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक प्रतिज्ञा भी कराई गई, जिसमें सभी ने संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, प्रत्येक जन्मदिन पर एक पौधा अवश्य रोपित करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान देंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके विद्या बहन जी ने कहा कि “वृक्ष मानव जीवन के सच्चे साथी हैं। वे हमें प्राणवायु, छाया, फल एवं जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करते हैं। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देना है, तो वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाना होगा।”
कार्यक्रम में विशेष रूप से शासकीय संजय निकुंज उद्यान अधीक्षक खजुराहो श्री श्याम बाबू प्रजापति जी ,वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी राजनगर योगेश यादव जी ,बीके राम श्री बहन, बीके प्रमोद भाई, मस्तराम सरस्वती जूनागढ़ अखाड़ा, त्रिलोखर धाम महाराज जी , रजक समाज जिला अध्यक्ष भ्राता मोहन रजक जी एवं बीके नीरज बहन जी ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को अंग वस्त्र पहनकर सभी का सम्मान किया गया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर नियमित रूप से राजयोग एवं आध्यात्मिक कक्षाओं में आने वाले भाई-बहनों अधिक से अधिक लोगों ने कार्यक्रम का लाभ लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।
“एक वृक्ष सौ सुखों का आधार, वृक्ष लगाकर करें धरती का श्रृंगार।”
विश्व पर्यावरण दिवस के इस प्रेरणादायी कार्यक्रम ने सभी में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना को सशक्त बनाया।







