मुख पृष्ठराज्यमध्य प्रदेश।रीवा: दिव्य नगरी में ब्रह्मा कुमारीज़ का समर कैंप : विश्व बाल...

रीवा: दिव्य नगरी में ब्रह्मा कुमारीज़ का समर कैंप : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बच्चों को मिले नैतिक मूल्यों के संस्कार

100 बच्चों ने लिया भाग, अतिथियों ने दिए जीवन निर्माण के सूत्र, नशामुक्ति एवं देवताई गुण अपनाने का दिलाया संकल्प

रीवा,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, ब्रह्मा कुमारीज़ शांति धाम सब जोन रीवा द्वारा संचालित दिव्य नगरी, निराला नगर में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विशेष समर कैंप का आयोजन किया गया। सायं 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, श्रेष्ठ संस्कारों, सकारात्मक सोच, नशामुक्ति एवं आध्यात्मिक जीवन शैली का विकास करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य अभियंता श्री अरुण श्रीवास्तव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजयोगी बीके प्रकाश भाई ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश हस्तशिल्प विभाग के सेवानिवृत्त प्रबंधक एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री अवधेश श्रीवास्तव, बीके रूपा बहन एवं बीके राखी बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिव्य नगरी के संचालक श्री राजभान पटेल, इंजीनियर बीके सतेंद्र भाई, बीके रोहित भाई एवं बीके सुभाष भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि अरुण श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा मिलना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम और सकारात्मक सोच बच्चों को सफलता के उच्च शिखरों तक पहुंचाती है। उन्होंने बच्चों को मोबाइल की लत, बुरी संगति एवं नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि बचपन में प्राप्त संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। उन्होंने बच्चों को समय का सदुपयोग करने, माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने तथा सदैव श्रेष्ठ संगति अपनाने की सीख दी। उन्होंने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को जीवनभर नशामुक्त रहने का संदेश दिया।
बीके रूपा बहन ने बच्चों को देवताई और आसुरी प्रवृत्तियों का महत्व समझाते हुए कहा कि प्रेम, शांति, दया, सहयोग, सहनशीलता, सत्यता और पवित्रता जैसे गुण मनुष्य को देवतुल्य बनाते हैं, जबकि क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या, लोभ और नशा जैसी प्रवृत्तियां जीवन को पतन की ओर ले जाती हैं। उन्होंने बच्चों को अपने जीवन में श्रेष्ठ गुणों को धारण करने की प्रेरणा दी।
बीके राखी बहन ने कहा कि सच्ची सफलता केवल पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चरित्र और संस्कारों से मिलती है। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन सकारात्मक संकल्प, आत्मचिंतन और राजयोग ध्यान का अभ्यास करने की प्रेरणा दी तथा जीवन को सुंदर और सफल बनाने के अनेक व्यावहारिक सूत्र बताए।
दिव्य नगरी के संचालक राजभान पटेल ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब शिक्षा के साथ संस्कारों का भी समावेश हो। उन्होंने बच्चों को खेल, पढ़ाई और नैतिक जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया।
इंजीनियर बीके सतेंद्र भाई ने लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। बीके रोहित भाई ने सकारात्मक सोच और अच्छे व्यवहार की महत्ता बताई, जबकि बीके सुभाष भाई ने बच्चों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनने और नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजयोगी बीके प्रकाश भाई ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना है। उन्होंने कहा कि बचपन में प्राप्त संस्कार ही व्यक्ति के भविष्य की मजबूत नींव बनते हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि देवताई गुणों को अपनाकर और आसुरी प्रवृत्तियों से दूर रहकर जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। क्रोध, आलस्य, नशा, अहंकार और ईर्ष्या जैसी कमजोरियां जीवन को नीचे ले जाती हैं, जबकि प्रेम, शांति, सहयोग, सहनशीलता और पवित्रता जीवन को ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं। उन्होंने राजयोग ध्यान को मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने का सरल एवं प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी बच्चों को प्रतिदिन ईश्वर स्मृति का अभ्यास करने की प्रेरणा दी।
समर कैंप के दौरान बच्चों ने गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरणादायक खेल, नैतिक शिक्षा आधारित गतिविधियां एवं राजयोग ध्यान का अभ्यास किया। बच्चों को जीवन जीने की कला, अच्छे संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा सफलता के लिए अनेक सुंदर एवं व्यवहारिक टिप्स भी दिए गए।
कार्यक्रम के अंत में 100 बच्चों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया गया, जिसमें उन्होंने तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशों से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही बच्चों ने देवताई गुणों को अपनाकर श्रेष्ठ नागरिक बनने का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, नैतिक जागरूकता एवं आध्यात्मिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित अभिभावकों ने ब्रह्मा कुमारीज़ द्वारा आयोजित इस प्रेरणादायक समर कैंप की सराहना करते हुए इसे बच्चों के चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments