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झोझूकलां: नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है

झोझूकलां(हरियाणा): नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। युवा यदि अपने जीवन का सही लक्ष्य निर्धारित करें और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें तो वे स्वयं भी सुरक्षित रहेंगे और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।ये उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय झोझूकलां के मैडिकल विंग के तत्वावधान मे अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बस स्टैंड, झोझूकलां में आयोजित नशा मुक्ति प्रदर्शनी एवं हस्ताक्षर अभियान के विषय “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” का शुभारंभ करते हुए थाना प्रभारी दिलबाग सिंह एसएचओ ने नशा मुक्ति प्रदर्शनी का रिबन काटकर तथा हस्ताक्षर अभियान में अपने हस्ताक्षर कर किया।    उन्होंने सभी नागरिकों से नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। इस अभियान में ग्रामीण विकास मंडल, जिनियस मदर प्राइड स्कूल, श्री राम पब्लिक स्कूल, हिंदुस्तान स्काउट्स एड गाइड्स, समाज सेवा समिति, वंचित जनजाति ट्रस्ट आदि सहयोगी संस्थाओं का सहयोग रहा। ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने कहा कि नशा नाश की जड़ है नशे से मुक्ति आध्यात्मिकता के बल व मेडिटेशन से सहज हो सकती है। राजयोग ध्यान नशा मुक्ति की रामबाण औषधि है जब मनुष्य स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से शक्ति प्राप्त करता है, तब वह हर प्रकार की बुराई और व्यसन पर सहज विजय प्राप्त कर सकता है। ग्रामीण विकास मंडल के अध्यक्ष  राजेंद्र ने कहा कि नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सच्ची पहचान हैं। समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर युवाओं में नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का विकास करना होगा। हिंदुस्तान स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला सचिव  अमित जाखड़ ने युवाओं से अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा जीवन की संभावनाओं को समाप्त कर देता है, जबकि सेवा और संस्कार जीवन को नई दिशा देते हैं। जीनियस मदर्स प्राइड स्कूल के संस्थापक  रविंद्र बादल व प्राचार्या अनीता सांगवान ने कहा कि बच्चों और युवाओं में अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच तथा नैतिक शिक्षा ही नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। परिवार और विद्यालय को इस दिशा में संयुक्त प्रयास करने होंगे। दलबीर पूर्व सरपंच ने कहा कि नशा घर परिवार समाज को खत्म करता है।समाज सेवा समिति एवं वंचित जन जागृति ट्रस्ट के संस्थापक मा. संजू तथा बिशन आर्य ने कहा कि नशा समाज की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों में से एक है। इसे समाप्त करने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी, जागरूकता और सामूहिक संकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान लगी नशा मुक्ति प्रदर्शनी का अवलोकन कर लोगों ने नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। वहीं हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का हस्ताक्षर कर संकल्प लिया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन, दलवीर गांधी पूर्व सरपंच, गजेंद्र नंबरदार बीडीसी, कविता बीडीसी,मा. संजू,मां.रविंदर बादल, बस स्टैंड इंचार्ज सत्येंद्र, मां.विजयपाल,मां.बिशन सिंह आर्य, विनोद मुख्याध्यापक, अनीता सांगवान प्राचार्य, राजेंद्र यादव, अमित जाखड़, अशोक शर्मा सरपंच प्रतिनिधि रामबास, चंद्रभान पूर्व इंस्पेक्टर, ग्रामीण विकास मंडल सचिव सुनील कुमार आदि सहित सैकड़ों लोगों ने नशा मुक्ति व तस्करी के विरुद्ध हस्ताक्षर कर कभी नशा न करने का संकल्प लिया।

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