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आगरा: मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी का स्मृति दिवस श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उमंग के साथ मनाया गया

आगरा,उत्तर प्रदेश। ब्रह्मकुमारी आर्ट गैलरी म्यूजियम,  न्यू सुरक्षा विहार स्थित एवं ज्ञान सरोवर सेवा केन्द्र पर यज्ञमाता, प्रथम मुख्य प्रशासिका आदरणीय राजयोगिनी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी (मम्मा) का 61वाँ स्मृति दिवस श्रद्धा, योग और आध्यात्मिक उमंग के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुरली के पश्चात मम्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं योग भट्टी के साथ किया गया। उपस्थित भाई-बहनों ने मम्मा के जीवन, उनके त्याग, तपस्या, समर्पण, आज्ञाकारिता एवं आध्यात्मिक पुरुषार्थ को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर बीके मधु दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी का सम्पूर्ण जीवन ईश्वरीय मर्यादाओं, पवित्रता और संपूर्ण समर्पण का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बहुत कम आयु में अपना सम्पूर्ण जीवन परमात्म सेवा के लिए समर्पित कर दिया। मम्मा का जीवन हमें सिखाता है कि यदि आत्मा में सच्चा निश्चय, पवित्रता और परमात्म प्रेम हो तो वह असम्भव को भी सम्भव बना सकती है। उन्होंने कहा कि मम्मा का प्रसिद्ध सूत्र “हुक्मी हुक्म चला रहा है” आज भी   निमित्त भावना में रहने की प्रेरणा देता है।

बीके माला बहन ने कहा कि मम्मा का जीवन नारी शक्ति के उत्थान का महान उदाहरण है। उन्होंने सिद्ध किया कि आध्यात्मिक शक्ति के आधार पर एक नारी सम्पूर्ण समाज का मार्गदर्शन कर सकती है। मम्मा की निष्काम सेवा, मातृत्व और आत्मिक प्रेम आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

बीके संगीता बहन ने मम्मा के जीवन से जुड़े अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि मम्मा ज्ञान, योग और सेवा की साकार प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने बताया कि मम्मा की विशेषता थी कि वे हर परिस्थिति में शांत, स्थिर और हर्षितमुख रहती थीं। उन्होंने सभी को मम्मा के समान समय की महत्ता समझने, व्यर्थ संकल्पों से बचने तथा निरंतर परमात्म स्मृति में रहने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में मम्मा के जीवन, उनकी आध्यात्मिकता, पुरुषार्थ, त्याग, सेवा, योग और ईश्वरीय शिक्षाओं पर आधारित विशेष प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। भाई-बहनों से मम्मा के जीवन से जुड़े रहस्य, उनके आध्यात्मिक पुरुषार्थ, समय की महत्ता, आज्ञाकारिता, निमित्त भावना, पवित्रता तथा आत्म उन्नति से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक उत्तर देकर मम्मा के जीवन मूल्यों को स्मरण किया।

इसके पश्चात सभी ने सामूहिक योगाभ्यास किया तथा मम्मा की पुण्य स्मृति में भोग अर्पित किया गया। वातावरण अत्यंत शांत, आध्यात्मिक और भावनापूर्ण रहा।

इसी क्रम में न्यू सुरक्षा विहार सेवा केन्द्र पर बीके सावित्री बहन द्वारा मम्मा दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने मम्मा के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी को राजयोग का अभ्यास कराया तथा मम्मा के गुणों को जीवन में धारण करने का संदेश दिया।

वहीं ज्ञान सरोवर रॉयल एक्सीलेंस सेवा केन्द्र पर बीके रेखा बहन ने मम्मा स्मृति दिवस के अवसर पर विशेष योगभट्ठी का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि मम्मा का जीवन आत्मिक शक्ति, अनुशासन और परमात्म प्रेम का अनुपम उदाहरण है। योगभट्ठी के माध्यम से सभी ने मम्मा के गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मम्मा के पदचिन्हों पर चलकर स्वयं को श्रेष्ठ बनाने तथा विश्व कल्याण के कार्य में सहयोगी बनने का संकल्प लिया।

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