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आबू राज (माउंट आबू) : भारतीय संस्कृति में है वसुधैव कुटुम्बकम की धारणा

आबू राज-(माउंट आबू) , राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा “आधुनिक संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन की कला” विषय पर ज्ञान सरोवर परिसर माउंट आबू में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजस्थान विधानसभा के सभापति, उदयपुर के विधायक फूल सिंह मीणा ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था का मूल उद्देश्य, आत्मा को परमात्मा से जोड़ना है और आत्मा के परमात्मा से जुड़ने के बाद, जीवन में कुछ और पाना शेष नहीं रह जाता और यहां योग की शिक्षा से ही जीवन में श्रेष्ठता आती है।
मोहनलाल लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में फैशन टेक्नोलॉजी और डिज़ायनिंग विभाग की अध्यक्षा डॉ. डॉली मोगरा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जो वसुधैव कुटुंबकम की धारणा है उसका प्रैक्टिकल स्वरूप इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आकर दिखाई देता है क्योंकि वसुधैव कुटुंबकम वही रख सकते हैं जो उदारचित्त हैं। किसी भी कार्य के लिए हमारा दृष्टिकोण बहुत उच्चतम होना चाहिए तभी कार्य में सफलता मिलती है।
डॉ चिराग गोराडिया, आकाशवाणी अहमदाबाद, ने कहा कि हम क्या कहते हैं इससे हमारी पीढ़ी नहीं सीखती, बल्कि हम क्या करते हैं, हमारे प्रैक्टिकल जीवन से, हमारी पीढ़ी सीखती है। मूल्य उपदेश से नहीं, खुद उदाहरण स्वरूप बनने से सिखाए जा सकते हैं। कला एवं संस्कृति प्रभाग की अध्यक्षा बी.के. चन्द्रिका दीदी ने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण से कोई भी कार्य अगर करते हैं तो उसमें सफलता निश्चित है।
मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत, मुम्बई एवं आगरा के कलाकारों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। मुख्य वक्ताओं में बड़ौदा की अभिनेत्री रश्मिका उपाध्याय थीं।

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