आबू रोड, राजस्थान। अव्यक्त बापदादा के नूरे रत्न, आदरणीय दिलीप सिंह भाई जी (आयु 100 वर्ष से अधिक) ज्ञानामृत प्रेस में लगभग 35 वर्षों तक समर्पित भाव से ईश्वरीय सेवाएं दे रहे थे।
दिलीप सिंह भाई जी ने सन् 1953 में पंजाब के अमृतसर से ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त किया। ज्ञान प्राप्त करते ही आपने अपना सम्पूर्ण जीवन परमपिता परमात्मा शिव की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् आपने अमृतसर सेवाकेन्द्र पर रहकर अनेक आत्माओं को ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग का संदेश दिया। आपका सरल, तपस्वी, स्नेहमय एवं सेवामय जीवन सभी ब्रह्मावत्सों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा। आपने मम्मा-बाबा की भी पालना ली है।
कल, 3 जुलाई 2026 को अपराह्न 3:50 बजे, आपने अपना पुराना चोला त्यागकर बापदादा की गोद ली।
दिलीप सिंह भाई जी की अंतिम यात्रा आज, 4 जुलाई 2026 को दोपहर 1:00 बजे ट्रॉमा सेंटर से प्रारम्भ होकर पाण्डव भवन में चारों धाम की यात्रा कराने के पश्चात् वापसी में म्यूज़ियम होते हुए मनमोहिनीवन तथा शांतिवन में चारों दादियों के धाम की यात्रा कराई गई । तत्पश्चात् सायं 4:00 बजे अंतिम श्रद्धांजलि हेतु पार्थिव देह को ओम म्यूज़ियम के पास रखा गया ।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सायं 4:30 बजे अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव देह को नदी के पास स्थित मुक्तिधाम ले जाया गया ।
अंतिम संस्कार के पश्चात् आज सायं 6:00 बजे दादीजी मीटिंग हॉल में दिलीप सिंह भाई जी के निमित्त बापदादा को भोग लगाया गया ।




