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अलीराजपुर: जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्र छात्राओं को नशा मुक्त जीवन के लिए प्रतिज्ञा कराई व सफलता के टिप्स बताएं- ब्रह्माकुमार नारायण भाई 

मस्तिष्क को कमजोर करता इलेक्ट्रॉनिक साधन । 

राजयोग से मन की एकाग्रता व सफलता प्राप्त होती है। 

अलीराजपुर ,मध्य प्रदेश। वर्तमान समय विज्ञानिक युग में अनेक इलेक्ट्रॉनिक साधन मानव को वरदान के रुप में दिए हैं परंतु जो मानव वरदानो का दुरुपयोग करता वह वरदान भी श्राप बन जाता। इनमें अच्छी सूचनाएं भी होती है और मन को भटकाने वाले कुविचार ।इन से निकलने वाली बुरी तरंगे मस्तिष्क व शरीर पर बुरा प्रभाव डाल रही है, जो बच्चे इन पर लंबा समय व्यतीत करते उनके मन की स्पीड फास्ट हो जाती उनके मस्तिष्क की शक्ति क्षीण होती रहती है। एकाग्रता उनके लिए किसी अन्य जन्म की बात रह जाती। पढ़ाई लिखाई में अच्छे नहीं बन पाते हैं। जिन मां बाप ने बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा दिया समझ लें उन्होंने उनकी मौत का आह्वान कर लिया। उसकी बुद्धि का विकास रुक गया। बच्चों का मस्तिष्क नाजुक होने के कारण जल्दी सिकुड़ने लगता है। इसीलिए बच्चे अनेक मानसिक रोग के शिकार चिड़चिड़ापन ,भूल जाना, बार-बार एक बात को रिपीट करना, याददाश्त की कमी, इत्यादि रोग तेजी से फैलते जा रहे हैं। राजयोग के अभ्यास से मन की एकाग्रता बढ़ती है जिससे बुद्धि में याद याददाश्त शक्ति व ग्रहण करने की शक्ति तेजी से बढ़ती है ।इससे पढ़ाई में अच्छी सफलता मिलने लगती है ।यह विचार इंदौर से पधारे ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र छात्राओं को भारत सरकार के द्वारा G20 कार्यक्रम के  अंतर्गत युवा सशक्तिकरण, नशा मुक्त जीवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।रात को बच्चे टीवी देख सोते हैं जिससे उनकी निद्रा भी डिस्टर्ब हो रही है। बच्चे गहरी नींद नहीं ले पाने के कारण वह सब कुछ भूलता जा रहा है। रात को सोते समय परमात्मा से गुड नाइट करें सवेरे उठते समय गुड मॉर्निंग करें तो बच्चे ऊर्जावान, प्रतिभावान बन सकते हैं।  प्रिंसिपल सविता पाठक जी ने कहा कि बच्चों को अपने से बड़ों का आदर सम्मान करना चाहिए और विद्यार्थियों में आपसी प्यार रहना चाहिए। जिससे आत्म शांति, संतुष्टि मिलती है ।बुद्धि का विकास होता है ।आज विद्यार्थी गुणों को छोड़ अवगुणों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहा है जिसका कारण टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया ।राजयोग का अभ्यास प्रत्येक विद्यार्थी को करना चाहिए जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वाइस प्रिंसिपल नवीन कुमावत ने कहा ने कहा कि क्रोध मानव का सबसे बड़ा दुश्मन है इससे बुद्धि का विनाश हो जाता है ।जबकि अच्छी सफलता में शांति का बड़ा हाथ होता है। बच्चे अगर क्रोध का त्याग कर दे, मन को शांत राजयोग के माध्यम से कर ले तो वह बच्चा अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। आज बच्चों को शिक्षा तो दी जा रही है लेकिन सुसस्कारित नहीं किया जा रहा है। इसलिए ऐसे कार्यक्रम की आवश्यकता वर्तमान में बढ़ती जा रही है।   अंत में ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने नशा मुक्ति के लिए सभी बच्चों से हाथ उठाकर प्रतिज्ञा कराई कि हम  नशीली चीजों का त्याग कर भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे ।अपने जीवन को भी पवित्र बनाएंगे ।एकाग्रता के लिए राजयोग की ट्रेनिंग व प्रैक्टिस भी कराई गई । ब्रह्मा कुमार अर्जुन भाई ने गीत प्रस्तुत किया ।

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