मेडिटेशन का मर्म देखो क्या, आपको ध्यान लगाना नहीं है ध्यान हटाना है। जिन-जिन चीज़ों पर हमारा ध्यान लगा हुआ है जैसे घर पर, बिज़नेस पर, पैसे पर, बच्चों पर जिस पर भी हमारा ध्यान लगा हुआ है। जब हमको ध्यान में आता है तो हमारा ध्यान बंट जाता है और जब हमारा ध्यान बंट जाता है तो हम सारे रात भी उनके बारे में सोचते हैं और दिन में भी उनके बारे में सोचते हैं। तो ध्यान या योग हमको ये सिखाता है कि कैसे मुझे इन सारी बातों से ध्यान हटाना है फिर परमात्मा में लगाना है। तो सबसे ज्य़ादा इम्र्पोटेंट या महत्त्वपूर्ण है ध्यान हटाना न कि लगाना। जैसे और-और चीज़ों से ध्यान हट जायेगा तो ध्यान ऑटोमेटिकली लग जायेगा। इस तरह से हम अपने आपको सिक्योर, सेफ, और उम्दा बना सकते हैं। तो ध्यान को आसान बनायें और इसे अपने जीवन में अपनाकर इसका सुख लें। और इससे बेहतर और कुछ हो नहीं सकता।
सेल्फ हेल्प- ध्यान हटाना है न कि लगाना है…
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