राजिम कुंभ कल्प मेले के आकर्षण का केंद्र चैतन्य नौ देवियों की झांकी बनी
राजिम छत्तीसगढ़ : 21 फरवरी ,माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि 12 फरवरी से 26 फरवरी तक चलने वाला राजीव कुंभ कल्प 2025 का आयोजन महानदी ,सोन्डूर, पैरी नदी के संगम क्षेत्र पर किया जा रहा है। इस विशाल क्षेत्र में अनेक तरह की गतिविधियां जहां एक और छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक कार्यक्रम दूसरी और संत समागम ,महानदी की गंगा आरती आरती अनेक मनमोहन लेने वाला कार्यक्रमों का मेले में आयोजन प्रतिदिन हो रहा है। कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला में परमात्मा शिव के अवतरण व कर्तव्य को सिद्ध करने के लिए विशाल डोम में नौ देवियों की झांकी लगाई गई है। जिसका उद्घाटन के अवसर पर बाल योगी महामंडलेश्वर राम बालक दास जी ने दीप प्रज्वलित करते हुए बताया कि परमात्मा शिव का अवतरण की झांकी राजिम कुंभ कल्प की आध्यात्मिकता को बरकरार रखती है। इस आध्यात्मिक मेला में जो भी आते हैं दिव्य अनुभूति करके अपनी स्वयं की ज्योति को जगा कर अविनाशी सुख शांति की प्राप्ति करते हैं। मेरी यही शुभकामनाएं की यह मेला सभी आत्माओं को दिव्यता प्रदान करें। संत समागम के अधिकारी भ्राता सुधीर दुबे ने बताया की राजिम कुंभ प्रकल्प जब से प्रारंभ हुआ लोगों का ध्यान का केंद्र आकर्षण का केंद्र बनता गया। यहां आने वालों को अपने अंदर की जो भी कमियां है वह महसूस होती है। देवियां इस बात की प्रतीक है कि हम अपने अंदर के देवी संस्कारों को देखकर उनको सक्रिय करें। सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए यह कार्य अनुकरणीय है। इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग़ के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने बताया कि यह मेला आने वाले दर्शकों के लिए भटके हुए राही को एक सच्ची मंजिल दिखाएगा ।आज मानव परमात्मा को ढूंढ रहा है यहां आने के बाद उसको अपनी परमात्मा की सही पहचान मिलेगी ।ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन ने बताया की 15 दिवसीय मेले में अनेक आत्माओं को जीवन की सच्ची सुख शांति की प्राप्ति होगी ।यहां प्रतिदिन राजयोग शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें बाहर से कई भाई बहन सेवाधारी के रूप में सेवा दे रहे हैं उन सभी का भी में बहुत-बहुत आभार प्रकट करती हूं। यह मेल प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक महाशिवरात्रि तक आयोजित किया जा रहा है।




