ब्रह्माकुमारीज़ आरम्भ से अबतक चली गतिविधियां ध्यान, साधना, मानसिक स्थिति, आंतरिक स्थिरता और सदम्मार्ग पर चलने की प्रवृत्ति को उत्तेजन देने का बखूबी कार्य कर रही है। ब्रह्मचर्य का पालन, शाकाहार, नशामुक्ति शान्तिपूर्ण जीवन, राजयोग ध्यान और इसके माध्यम से आत्मा और परमात्मा से मिलन, आत्म ज्ञान की प्राप्ति से शुद्ध, शान्त और अमर आत्मा की अनुभूति करना इन सब चीज़ों को संस्थान ने बहुत ही सरल रूप में दुनिया के सामने पहुंचाया है।- महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू,भारत
आत्मा का परमात्मा से मिलन ही योग
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