जगदलपुर-मध्य प्रदेश। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ” एक पेड़ मा के नाम ” कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ‘‘पावन धाम’’ वृंदावन कॉलोनी जगदलपुर में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि रोटरी क्लब अध्यक्ष सीए भ्राता विवेक सोनी जी ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनायें दी। अपने संबोधन में पर्यावरण के संतुलन को बनाये रखने की बात कहीं । उन्होंने कहा की ज़्यादा से ज़्यादा पौधा रोपण करे । प्लास्टिक का उपयोग हमारे पर्यावरण को दूषित कर रहा है । हमे प्लास्टिक को फेकने के बजाए प्लास्टिक के पानी बॉटल के डाल देना चाहिए और रिसाइकल करने भेजना चाहिए । बाहर जब कभी भी ख़रीदी करने जाये तो एक झोला अवश्य ले जाए । चाय कॉफ़ी डिस्पोजेबल कप्स में ना पिए । खाने का कोई भी सामान ख़ास तौर पर गर्म खाना प्लास्टिक बैग्स में न लाए इसके लिए अलग से घर से बर्तन
ले जाये । वाटर हार्वेस्टिंग जैसे तकनीक को घर में लगाएं । सोलर पैनल्स का इस्तेमाल करें । उन्होंने कहा एक संकल्प सब ले की कम से कम कोई भी एक उद्देश्य को हासिल करें जो आपको सहज और सरल लगे चाहे वो एक पौधा लगाना हो या किसी भी एक दिन प्लास्टिक का प्रयोग ना करना हो लेकिन अवश्य करें । उन्होंने अपने संबोधन में ये भी कहा कि सब से चमत्कारी और दो अक्षर के शब्द है कर । हमे सिर्फ संकल्प नहीं लेना है हमे सिर्फ सपने नहीं देखना है हमे इसे पूरा करने के लिए कार्य भी करना है ।
इस अवसर पर बस्तर संभाग की प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजूषा दीदी जी ने कहा मानव जाति पर्यावरण पर निर्भर है। हमें अभी जागृत होना पड़ेगा। हमारी धरती जितनी हरी भरी होगी उतनी ही जीवन में खुषहाली होगी। प्रकृति हमें फल फूल और कई प्रकार की औषधियॉ प्रदान करती है इन्हें संभालकर रखना एवं इनकी पालना करना हमारा कर्तव्य है। जितना हो सके हम अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगायें एवं पालना करें, देख भाल भी करें, इससे पर्यावरण की रक्षा भी होगी और पर्यावरण की रक्षा ही राष्ट्र की सुरक्षा है। पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश पांचों तत्वों के प्रति हम शुभ भावना रखें, प्रकृति को मित्र बनायें, प्रकृति के साथ जीना सीखें। आगे आपने कहा संकल्पों का प्रदूषण अर्थात् नकारात्मक विचार भी पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। अतः हमे अपने विचारों के प्रदूषण को भी समाप्त करना होगा। इसके लिए हमे मेडिटेशन राजयोग का अभ्यास करके मन के नकारात्मक विचार तनाव को दूर करके मन को शांत करें एवं सकारात्मक सोच को बढ़ाएं।







