मुख पृष्ठराज्यगुजरातवडोदरा अतलदरा: आध्यात्मिक संगीत संध्या के भावपूर्ण रंगों से रंगा अटलादरा ब्रह्माकुमारीज़

वडोदरा अतलदरा: आध्यात्मिक संगीत संध्या के भावपूर्ण रंगों से रंगा अटलादरा ब्रह्माकुमारीज़

वडोदरा अतलदरा, गुजरात। कहा जाता है कि परमात्मा ही वह परम कलाकार है जिसने इतनी सुंदर कलात्मक सृष्टि की रचना की। वह कला ही है जो भावनाओं की अभिव्यक्ति का सबसे सरल और सुंदर रूप है, जिसे बुद्धिमान हों या साधारण सभी आसानी से अनुभव कर सकते हैं और समझ सकते हैं। संगीत ऐसी ही सबके दिलों को छू लेने वाली कला है। इसी भाव से सबको परमात्मा संदेश देने और ईश्वरीय अनुभूति कराने का उद्देश्य लेकर सेवाकेंद्र में एक भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया जिसके लिए लेस्टर (UK) से बिंदु बहन मोदी अपने म्यूजिकल ग्रुप शिव सरगम संगीत मंडल के साथ पधारीं और आध्यात्मिक एवं ईश्वरीय प्रेम भरे गीतों की भावभीनी प्रस्तुति से सबको भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में लेस्टर UK में ब्रह्माकुमारीज़ की ईश्वरीय सेवाओं को आरंभ करने में अपना अति महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ  बीके दादा बाबू भाई अपने लौकिक सुपुत्र भूपेन सहित पधारे साथ में लेस्टर में पिछले 50 वर्षों से ईश्वरीय सेवाओं हेतु सेवाकेंद्र की निमित्त बीके दीपिका दीदी जी एवं वडोदरा ITM वोकेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ अनिल भाई बिसेन जी भी पधारे।
वडोदरा के जाने-माने गायक श्री राघव भाई मिस्त्री जी ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में पधार कर एवं अपनी गीत प्रस्तुतियों के द्वारा कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए इसके अतिरिक्त बीके सागर और बीके कुनिका ने भी अपने मनोरम गीत प्रस्तुतियां दी।

लगभग 2 घंटे तक श्रोताओं ने हिंदी गुजराती के आध्यात्म एवं भक्ति गीतों के सुरों में झूमते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
सेवाकेंद्र इंचार्ज बीके डॉ अरुणा बहन जी ने सभी मेहमानों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा की परमात्मा आनंद सुख और शांति का सागर है इसलिए गीत या ध्यान किसी भी माध्यम से जब हम अपने भाव उनके साथ जोड़ते हैं तो हमारा मन शांति और आनंद से भर जाता है। प्रेम पवित्रता सुख शांति और आनंद परमात्मा के संगीत हैं और इन्हें अपने जीवन में लाने से हमारा जीवन भी संगीत मय बन जता है। जैसे यह संगीत सुनने से हमारा मन आनंद विभोर हो जता है उसी तरह परमात्मा के गुणों का संगीत अपने जीवन में लाने से हमारा मन भाव विभोर हो जाता है।  यही राजयोग रूपी संगीत है। इसके पश्चात बहन जी ने कॉमेंट्री से योग कराते हुए शांति का गहन अनुभव कराया और सभी को निःशुल्क राजयोग सीखने हेतु सेवाकेंद्र पर आने का हार्दिक निमंत्रण दिया। फिर सभी को बताया की ब्रह्माकुमारीज़ गुजरात के द्वारा 24 अक्टूबर से 21 दिसंबर तक विश्व में शांति के सुविचार एवं भाव प्रसारित करने के शुभ लक्ष्य के साथ विश्व शांति हेतु 100 करोड़ मिनट का दान प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत इतने दिनों तक सभी सेवाकेंद्रों, संस्थाओ स्कूल कॉलेज में नियमित रूप से कुछ मिनट विश्व शांति हेतु ज्ञान अथवा प्रार्थना की सेवाएं की जा रही हैं और व्यक्तिगत रूप से भी जन सामान्य से भी 5 मिनट रोज शांति के शुभ संकल्पों का सहयोग विश्व को देने की अपील की जा रही है। इसके बाद कार्यक्रम में आए हुए सभी श्रोताओं ने भी फॉर्म भरकर नियमित रूप से विश्व को शांति का सहयोग देने का संकल्प किया। जिसके बाद ब्रह्माभोजन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कुशल मंच संचालन करते हुए सेवाकेंद्र की सह संचालिका बीके पूनम दीदी जी ने मेहमानों का हार्दिक स्वागत किया और लगभग 400 भाई बहनों की उपस्थिति में अतिथियों के सम्मान एवं दीप प्रज्वलन के साथ संगीत संध्या का शुभारंभ किया गया।
Photos & Videos Link https://drive.google.com/drive/folders/1cBiaPenGOa42XO8zrNWHktBc5OnO9pHH?usp=sharing

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments