भारत में हर कोई आंवला से परिचित है एवं यह सबसे प्राचीन आयुर्वेदिक औषधियों में से एक माना जाता है। भारत में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने अपने जीवन में कभी आंवले का नाम न सुना हो। घरेलू नुस्खों में आंवले का इस्तेमाल बहुत ज्य़ादा किया जाता है और आपने भी कभी न कभी आंवले के औषधीय गुणों का लाभ ज़रूर उठाया होगा। आंवले में जीवाणु रोधी और पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ कर पाना मुश्किल है। आयुर्वेद के दो सबसे प्रमुख ग्रंथों चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में आंवला को ऊर्जादायक जड़ी-बूटी के रूप में वर्णित किया गया है। इसके इतने लाभ हैं कि हर गुण का वर्णन इतने से शब्दों में करना आसान नहीं इसलिए कुछ गुणों का वर्णन हम आपके सामने कर रहे हैं…
आंवला निरापद प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए – प्रतिरक्षा प्रणाली हानिकारक संक्रमण के खिलाफ लड़ता है और शरीर को रोग मुक्त रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से आंवला स्वाभाविक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और रोगों के खिलाफ लडऩे के लिए पर्याप्त क्षमता प्रदान करता है। आप आधे कम गर्म पानी में बराबर मात्रा में आंवला रस मिलाएं और इसका रोज़ सेवन करें।
आंवला स्वस्थ एवं मजबूत हड्डियों के लिए – आंवला हड्डियों को मजबूत बनाने में भी निपुण है। इसमें कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है और यह वातनिरोधक औषधि गुणों से भी परिपूर्ण है। आंवला रस रोज़ पीने से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं और जोड़ों के दर्द से भी मुक्ति प्राप्त होती है।
आंवला पोषित नसों के लिए – नसें संदेशों को मस्तिष्क तक प्रसारित करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और आंवला इन नसों को स्वस्थ रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आंवला में पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होता है जिसके कारण यह तंत्रिका तंत्र को मजबूत कर परिसंचरण में सुधार करता है। इसमें जैव-फ्लैवोनोइड्स भी होते हैं जो कोशिकाओं की पारगम्यता को बनाए रखने में मदद करते हैं। ताकि पोषक तत्व रक्त वाहिकाओं के माध्यम से पूरे शरीर में आसानी से पहुंच सके। इस प्रकार आंवला तंत्रिका तंत्र और नसों को स्वस्थ रखने में लाभदायक है।
आंवला चूर्ण क्रियाशील मलत्याग के लिए – आंवला स्वस्थ उत्सर्जन को भी नियंत्रित करता है। आंवला एक अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट है और विटामिन सी से भरपूर है। यह मूत्राश्य और गुर्दे को हानिकारक पदार्थों से बचाता है और मूत्र प्रणाली को स्वस्थ रखता है। अपने दिन की शुरुआत शहद युक्त आंवला रस पीने से करें और अपनी मूत्र प्रणाली को स्वस्थ बनाएं।
आंवला विकाशन पाचन शक्ति के लिए – स्वस्थ शरीर में सुदृढ़ पाचन शक्ति की एक अहम भूमिका है। आंवला में फाइबर और पानी उच्च मात्रा में पाया जाता है। साथ ही इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। फाइबर गैस्ट्रिक और पाचन रस के स्राव के लिए आवश्यक होता है और पाचन क्रिया को बढ़ाने में मदद करता है। जिसकी वजह से आंवला पूरी पाचन प्रक्रिया को स्वस्थ रखने के लिए बहुत लाभकारी होता है।
गले के लिए फायदेमंद – आंवला गले को भी स्वस्थ रखने में सहायता करता है। अदरक जूस के साथ इसका सेवन करने से गल शोध एवं थाइराइड जैसे विकारों से मुक्ति मिलती है।
आंवला स्वच्छ श्वसन प्रणाली के लिए – श्वास प्रणाली साँस लेने एवं छोडऩे में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन सर्दी, खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस एवं यक्ष्मा जैसे श्वसन संबंधी रोग साँस लेने में गंभीर कठिनाई पैदा कर देते हैं। आंवला इन कठिनाइयों को दूर करने में निपुण है। परंतु आंवला शीतल स्वभाव का होता है, इसलिए इसका सेवन शहद या फिर काली मिर्च के साथ ही करना चाहिए।
आंवला का उपयोग मजबूत दाँतों के लिए – आंवला एक शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबायल एजेंट है। इसलिए यह विभिन्न प्रकार के रोगजनकों और बैैक्टीरिया से होने वाली परेशानी को कम कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि आंवला स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन नामक बैक्टीरिया के विकास को रोकने में सक्षम है। स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन दाँतों में कीड़ा लगने का कारण होता है। अत: इसके विकास को रोककर आंवला दन्त क्षय जैसी दाँतों की समस्याओं के इलाज में फायदेमंद है।
आंवला के गुण उन्नत नज़र के लिए – आँखें इंसान के लिए ईश्वर की एक अनमोल देन है। जीवन के हर पल को जीने के लिए और उन्हें संजो कर रखने के लिए स्वस्थ नेत्रों की अहम भूमिका होती है। आंवला आँखों की दृष्टि में सुधार लाता है एवं आँखों में जलन और खुजली से राहत प्रदान करता है। आंवले का जूस नेत्रश्लेष्मलाशोध का भी एक प्रबल उपचार है।
अध्ययनों के अनुसार आंवला में पाया जाने वाला कैरोटीन दृष्टि में सुधार करता है। आंवले का नियमित रूप से सेवन करने पर आँखों के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑटिडिएटिव तनाव से आँखों के रेटिना की रक्षा करते हैं। जिससे मोतियाबिंद का खतरा भी कम हो जाता है। आंवले का जूस और शहद मिला कर पीना आँखों के लिए लाभदायक होता है।
आंवला दिमाग को तेज़ बनाने के लिए – आंवला विटामिन और खनिजों का समृद्ध स्रोत है जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है। रक्त में आयरन की अधिक मात्रा मस्तिष्क को ऑक्सीजन प्रदान करती है और साथ ही स्मृति में सुधार करती है। आंवला में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के लिए लाभकारी होते हैं। अपने दिमाग को पोषण देने के लिए इसका कच्चा फल खाएं।
मासिक धर्म में फायदेमंद – आंवला में खनिज और विटामिन मासिक धर्म के दौरान ऐंठन के उपचार में बहुत उपयोगी होते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन आपको कई स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से बचा सकता है।
आंवला के नुकसान…
आंवला हालांकि एक प्राकृतिक औषधीय फल है, परंतु इसके भी कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं अगर इसका सेवन ज्य़ादा किया जाए तो…
- आंवले की शीतल प्रवृत्ति की वजह से यह सर्दी और खांसी ट्रिगर पर बुरा असर डाल सकता है। इसके इस दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए इसका सेवन काली मिर्च या शहद के साथ करें।
- यदि आप इसका सेवन पानी के साथ ना करें तो इससे आपको कब्ज हो सकता है।
- आंवला मधुमेह की दवा के साथ हस्तक्षेप कर सकता है।
- इसका अचार रक्तचाप के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए हृदय रोगी को इसका सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।
- यदि इसका सेवन लंबे समय तक किया जाए या फिर ज्य़ादा मात्रा में किया जाए तो यह पथरी को भी जन्म दे सकता है।
आंवला खाने का सबसे अच्छा तरीका इसे खाली पेट सुबह कच्चे रूप में खाना है। प्रभावी परिणामों के लिए आंवले के सेवन के बाद लगभग 45 मिनट तक चाय, कॉफी या दूध ना पिएं। आंवला प्रकृति में खट्टा होता है और दूध उत्पादों का सेवन हानिकारक हो सकता है।




