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कुछ इनके भी नज़रिये परमात्मा के बारे में…

भारत में एक मात्र संस्थान कर रहा मनुष्य से देवता बनाने का महान कार्य

मन एक साधन है जो हमारे बंधन या स्वतंत्रता का कारण हो सकता है, ये तो इसके उपयोग पर निर्भर करता है। ब्रह्माकुमारी बहनों ने आम आदमी को आसान तरीके से राजयोग सिखाया है। वे मनुष्य को देवता बनाने का कठिन कार्य कर रही हैं। मूल्य किसी भी राष्ट्र की वास्तविक सम्पत्ति है। आज पूरे विश्व में योग के भारतीय विज्ञान की मांग है। ब्रह्माकुमारीज़ जैसे संगठनों ने राजयोग को जन-जन तक ले जाने के लिए बहुत महान कार्य किया है। प्रत्येक भारतीय को इस कार्य पर गर्व महसूस करना चाहिए। भारत में ऐसे संस्थान का होना बहुत ही गर्व की बात है। – माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उ.प्र.।

विश्व शांति प्रसार की अद्भुत संस्था

दुनिया भर में शांति का फैलाव करने वाली यदि कोई संस्था है तो वो यह ईश्वरीय विश्व विद्यालय ही है। योग के माध्यम से विश्व को शांति प्रदान करने में कोई संस्था यदि यशस्वी पाई गई है तो वो है यह ब्रह्माकुमारी संस्था। पुरुष प्रधान समाज में महिला भी धार्मिक, यौगिक भूमिका निभा सकती है, ऐसे प्रैक्टिकल कर दिखाने वाली संस्था है ब्रह्माकुमारीज़। विश्व में शांति का प्रसार करने में इस संस्था ने महती भूमिका निभाई है। – श्री 1008 श्रीशैल जगतगुरु चन्ना सिद्धराम।

मुझे साक्षात भगवान की अनुभूति हुई

जीव ईश्वर से कैसे मिले इसका ज्ञान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ही दिया जाता है। यहाँ योग, ध्यान, साधना, उपासना तथा आराधना की जो शैली सिखाई जाती है, उसी से आत्मा एवं परमात्मा का मिलन संभव है। संसार परिवर्तन के लिए परमात्मा ने इस संस्था की स्थापना की है। डायमण्ड हॉल में बाबा मिलन पर मुझे दिव्य अनुभव हुआ और साक्षात् भगवान की अनुभूति हुई। -रसिक पीठाधीश महंत जन्मेजयशरण,अध्यक्ष,श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास,जानकी घाट,बड़ा स्थान,अयोध्या।

यहाँ शास्त्रों में वर्णित दिव्यता का अनुभव हुआ

जिस प्रकार की यहाँ पवित्रता, प्रेम, मानवता तथा दिव्यता है, ऐसी हर घर में हो। मैं दादी जी सहित अनेक ब्रह्माकुमार भाई-बहनों से मिला, उनमें एक अनोखी अलौकिकता का अनुभव हुआ। शास्त्रों में जिन विकार रहित योगियों का वर्णन है वह इन सभी आत्माओं द्वारा प्रत्यक्ष अनुभव हो रहा है। मैं चाहूंगा कि हर घर में इनके जैसा ही स्वरूप हो, हर घर में ब्रह्माकुमारियों का ओजस हो। – एच.एच. श्री स्वामी अध्यात्मनंद जी महाराज,अध्यक्ष, शिवानंद आश्रम,अहमदाबाद।

परमात्म कार्य का प्रत्यक्ष प्रमाण

इस संस्थान में यहाँ आते ही मेरा अनुभव ये रहा कि मुझे एक सशक्त आध्यात्मिक फीलिंग हुई। यहाँ का प्रकम्पन मुझे शांति प्रदान कर रहा था। जीवन में बड़ा काम करने के लिए बड़ा दिल होना ज़रूरी है। छोटे दिल का व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता। और जिसका दिल जितना बड़ा होगा, वह उतना ही आध्यात्मिक होगा। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में दिल व मन को बड़ा करने की शिक्षा दी जाती है। इसी कारण इन्होंने आज विश्व के 140 देशों में भारत की आध्यात्मिकता को पहुंचाया है। मैं ये मानता हूँ कि जो काम सरकार नहीं कर सकती, वो ये ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान बखूबी कर रहा है। – रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,भारत

भारत को विश्व गुरु बना

आज के परिदृश्य में भारत ही है जो सम्पूर्ण विश्व में शांति, सद्भाव व समृद्धि का संदेश दे रहा है। सदियों से भारत विश्व में अध्यात्म की गंगा बहा रहा है। भारत विश्वगुरु था और फिर से बनने जा रहा है। इसमें ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की अहम् भूमिका रहेगी। क्योंकि ये संस्थान न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में अध्यात्म की अलख जगा रहा है। – लोकसभा स्पीकर ओम बिरला,भारत।

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