अम्बाला, हिरयाणा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सुप्रीम लाईट हाउस, 214-215, जग्गी कालोनी, फेस-2, अम्बाला शहर आश्रम में 22 नवंबर से 26 नवंबर तक चल रहे 5 दिवसीय शिविर हर हाल में खुशहाल का पहले दिन के सुबह 6 से 8 व शाम को 6 से 8 वाले दोनों सैशन रखे गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री आदरणीय असीम गोयल ने कार्यक्रम में शिरक़त की। मुख्य वक्ता प्रोफ़ेसर ब्रह्माकुमार इ.वी. गिरिश जोकि इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर, गतिशील ट्रेनर एवं कॉउन्सलर हैं, जो मुंबई से पधारे हैं उनका तिलक, पुष्पगुच्छ और पटके के साथ आश्रम संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दिव्या दीदी ने स्वागत किया। शिविर का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। पहले दिन का विषय आध्यात्म की वास्तविकता पर चर्चा करते हुए भ्राता जी ने बड़े ही उमंग व सरलता से अपना प्रथम वक्तव्य रखा। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता एकमात्र समाधान है, इस युग की सभी समस्याओं का। आध्यात्मिकता का अर्थ है सरल हो जाना सहज हो जाना। हर चीज को आसान कर देना है। बहुत ज्ञानी हो जाना अभिमानी हो जाना ही आध्यात्मिक व धार्मिक होना नहीं है। उन्होंने कहा अच्छे होने की परिभाषा को भी देखें कि अच्छे बने स्वयं के लिए और अपनों के लिए। अच्छा बने अपने बीपी, हार्ट, घुटनों के लिए। अच्छी मम्मी, अच्छी पत्नी, अच्छा पति अच्छा पिता बनिए। आध्यात्मिकता जीवन को सरल शांत बनाना सिखाती है, जिससे हमारी आंतरिक स्थिति कभी डिस्टर्ब नहीं होगी, हम अपने मन को कैसी भी परिस्थिति में शांत रख सकेंगे, हर परिस्थिति में मानसिक शांति ही पहली आवश्यकता व प्राप्ति है। पूर्व राज्य मंत्री आदरणीय असीम गोयल ने भ्राता गिरीश भाई का अम्बा मां की इस धरणी अम्बाला में आने के लिए बेहद दिल से उनका अभिनंदन किया व उनका स्वागत किया। उन्होंने राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दिव्या दीदी व राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मीरा दीदी का बहुत बहुत धन्यवाद किया कि उन्होंने इस विशाल भव्य कार्यक्रम का आयोजन अंबाला वासियों के लिए किया। बीके मीरा दीदी ने सबको मेडिटेशन का अनुभव करवाया।








