नडियाद,गुजरात: राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य पर, नडियाद और आणंद(सरदार बाग) सेवाकेंद्र पर, विशेष संयुक्त राष्ट्र संघ के (CSW) के तहत ब्रह्मा कुमारीज़ का अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट शिवशक्ति लीडरशिप अप्रोच (SSLA) की भारत क्षेत्र की टीम के द्वारा, संपर्क की लगभग 150 महिलाओं के लिए, 3-3 घंटे का अनुभवात्मक कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मुख्य विषय था: शिवशक्ति ऊर्जा सुरक्षा कवच
संकल्प से संरक्षण – जब विचारों में पवित्र संकल्प होते है, तब ऊर्जा की बचत स्वाभाविक रूप से होती है।
विश्वास से संवर्धन – आत्मविश्वास और ईश्वर-विश्वास की ऊर्जा से आंतरिक शक्ति बढ़ती है।
एकता से नव निर्माण – जब सभी एक भावना, एक ऊर्जा से जुड़ते हैं, तब नए संस्कार और नए संसार का निर्माण होता है।SSLA (भारत और नेपाल क्षेत्र)के सलाहकार, संयुक्त मुख्य प्रशासिका, आदरणीय सुदेश दीदी जी की अनमोल प्रेरणाएँ, आदरणीय पूर्णिमा दीदी जी, नडियाड सब ज़ोन निर्देशिका और आदरणीय संध्या दीदी- आणंद सेवाकेंद्र प्रभारी के अनुभवात्मक आशीर्वचन सभी के दिलों को छू गए।
SSLA (भारत और नेपाल क्षेत्र)के फोकल पॉइंट मेंबर- शांतिवन में समर्पित डॉ सुनीता दीदी के द्वारा रिफ्लेक्शन से सभी को वास्तविक शिवशक्ति ऊर्जा की गहन अनुभूति हुई तथा अन्य फोकल पॉइंट मेंबर प्रवीणा दीदी, इंचार्ज वीणानगर, मुलुंड, मुंबई और टीम के साथ संपूर्ण आयोजन अति सुंदर रहा।
यह एक लेक्चर कार्यक्रम नहीं अपितु रचनात्मक कार्यशाला था जो बहुत ही नवीनता से आंतरिक शक्ति का, ऊर्जा संरक्षण का गहरायी से एहसाह दिलाने वाला अति प्रेरणादाई कार्यक्रम था।
दोनों नडियाद और आणंद के सभी मुख्य अतिथि एवं माननीय अतिथि महिलाओं ने अपने सुंदर अनुभव साझा किए तथा ऊर्जा संरक्षण की एक नई प्रेरणा लेते हुए कहा कि ऐसे अनुभवात्मक कार्यक्रम बारम्बार होने चाहिए और पूरे दिन का रखा जाए।
इसके अलावा एक पूरे दिन की SSLA रिट्रीट बी.के. टीचर बहनों कुमारियों और माताओं (कुल 150) के लिए भी सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। सभी कार्यक्रम में, महिला अतिथियों और चुनिंदा बी के बहनों का SSLA ट्रॉफी से सम्मान भी किया गया।





