अबोहर, पंजाब। राजयोग भवन, अबोहर में आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम के मेयर विमल ठठई, लेखक परिषद के प्रधान राज सदोष, रमेश कुमार शर्मा एडवोकेट, डा. संजय गुप्ता, डा. रितु गुप्ता, डा. कंचन खुराना, केन्द्र प्रभारी पुष्पलता बहन, उपप्रभारी दर्शना बहन व शालू बहन सहित अनेक नागरिकों ने ब्रह्मकुमारीज संस्था के संस्थापक ब्रह्मबाबा अर्थात दादा लेखराज कृपलानी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजयोग शिक्षिका सुनीता बहन ने कहा कि देश विभाजन से पहले हैदराबाद सिंध में हीरों के प्रख्यात व्यापारी दादा लेखराज कृपलानी ने ब्रह्माबाबा के रूप में दिव्य दृष्टि के माध्यम से दुनिया की विनाशलीला देखकर महिलाओं के नेतृत्व में संस्था का गठन करके सर्वत्र शांति का संदेश प्रवाहित करने का संकल्प लिया।
लेखक परिषद के प्रधान राज सदोष ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था अब वट वृक्ष का रूप धारण करके 140 देशों में स्व: परिवर्तन से विश्व परिवर्तन के अभियान को जन जन तक पहुंचाकर लोगों को व्यस्त मुक्त व सदाचार से परिपूर्ण जीवन बिताने के साथ साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिये प्रेरित करने में जुटी हुई है। ब्रह्माबाबा ने दुनियां में जो विनाश लीला की आशंका व्यक्त की वह अब भी विभिन्न देशों के बीच में चल रहे तनाव व युद्ध से स्पष्ट दिखाई दे रही है।
नगर निगम के मेयर विमल ठठई ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने नारी को शक्ति बनाने का महान कार्य किया। ब्रह्माकुमारीज़ ने स्वयं ही नहीं विश्व और ब्रह्मांड में शांति के प्रयासों से जोड़ा है। हमारा अध्यात्म हमें सिर्फ शांति का पाठ ही नहीं सिखाता, वह हमें हर कदम पर शांति की राह भी दिखाता है। विकसित भारत की अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्था की अहम भूमिका है। हम सब अपने धर्म की पूजा पद्धति का पालन करें, लेकिन दूसरे धर्मों का अनादर नहीं करें।




